Mon to Sat: 10 AM to 6:30 PM  |  Call: 9540003316  |  WhatsApp: 9540005002
फाइल अंग्रेज़ी में जाती है।

उत्तर प्रदेश में नाम परिवर्तन कैसे करें

आपको अपना नाम बदलवाना है और आप यह हिंदी में समझना चाहते हैं। एक बात पहले जान लीजिए, क्योंकि यही सबसे ज़्यादा अटकाती है। आपका सारा काम हिंदी में होता है, पर गजट की फाइल अंग्रेज़ी में जाती है। शपथ पत्र, सार्वजनिक सूचना, सीडी का मजमून और दिल्ली भेजा जाने वाला पत्र, सब अंग्रेज़ी में। यहाँ हर प्रारूप ज्यों का त्यों दिया है, ताकि आप उसे समझकर दें, नकल करके नहीं।

Call 9540003316 WhatsApp 9540005002
फाइल अंग्रेज़ी में समझ हिंदी में हर प्रारूप पूरा 75 जिलों में सेवा

Get Call and Name Change Format

Loading the enquiry form...

No spam callsFee quoted upfrontAll 75 UP districts

छोटा जवाब: नाम बदलने के तीन चरण हैं। पहला शपथ पत्र, जो आपके शहर के नोटरी से बनता है। दूसरा दो अख़बारों में सूचना, जिनमें एक हिंदी का होना चाहिए। तीसरा गजट में प्रकाशन, जिसकी फाइल डाक से दिल्ली जाती है और जिसका शुल्क वयस्क के लिए 1,100 रुपये है। पूरे काम में लगभग 25 से 45 दिन लगते हैं। ध्यान रखिए कि यह पूरी फाइल अंग्रेज़ी में बनती है।

यह आख़िरी बात ही सबसे ज़्यादा लोगों को रोकती है, और इसी वजह से यह पन्ना लिखा गया है।

उत्तर प्रदेश में नाम परिवर्तन कैसे करें
काम हिंदी में चलता है, पर गजट की फाइल अंग्रेज़ी में जाती है।

एक नज़र में

पहला चरणशपथ पत्र, नोटरी से
दूसरा चरणदो अख़बारों में सूचना
तीसरा चरणगजट में प्रकाशन
गजट का दफ़्तरदिल्ली में, डाक से
शुल्कवयस्क 1,100 रुपये
समयलगभग 25 से 45 दिन
फाइल की भाषाअंग्रेज़ी
सबसे ज़रूरी कागज़हाईस्कूल की अंकतालिका

मुख्य बातें

ज़रूरी कागज़: Quick Facts

हाईस्कूल अंकतालिकानाम की गवाही
आधारपहले सही कराइए
शपथ पत्रनोटरी से, स्टाम्प पेपर पर
सार्वजनिक सूचनाटाइप की हुई, दो प्रतियाँ
दो गवाहदोनों प्रतियों पर
दो अख़बारपूरे पन्ने, छह प्रतियाँ
सीडीएमएस वर्ड में
भारतकोश रसीद1,100 रुपये की

इस पन्ने में क्या है

  1. भाषा वाली असली दिक्कत
  2. सुधार और परिवर्तन का फ़र्क़
  3. तीन चरण, क्रम से
  4. अंकतालिका सबसे ऊपर क्यों
  5. काउंटर कहाँ है
  6. गजट के बाद क्या
  7. केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
  8. हम कहाँ सेवा देते हैं
  9. कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
  10. इससे जुड़े पन्ने
  11. हमारा दफ़्तर क्यों
  12. आम सवाल

भाषा वाली असली दिक्कत

आपका काम पूरा हिंदी में चलता है: नोटरी से हिंदी में बात अख़बार का हिंदी संस्करण तहसील और नगर निगम में हिंदी घर पर सलाह भी हिंदी में लेकिन गजट की फाइल में जो जाता है, वह अंग्रेज़ी में होता है: शपथ पत्र सार्वजनिक सूचना, दो प्रतियाँ सीडी का मजमून दिल्ली भेजा जाने वाला पत्र नतीजा यह होता है कि लोग किसी से टाइप करवा लेते हैं और यह समझे बिना दस्तखत कर देते हैं कि उसमें लिखा क्या है। और अगर उसमें गलती हो, तो वह गलती छपकर सरकारी रिकॉर्ड बन जाती है।

इसीलिए आगे हर प्रारूप ज्यों का त्यों अंग्रेज़ी में दिया है, और हर एक के नीचे हिंदी में यह लिखा है कि उसमें क्या भरना है। नकल कीजिए, पर समझकर।

सुधार और परिवर्तन का फ़र्क़

एक सवाल जो सबसे ज़्यादा पैसा बचाता है: क्या मेरे कागज़ पर नाम कभी सही था? हाँ, बस टाइपिंग की गलती है -> सुधार -> गजट की ज़रूरत नहीं नहीं, नाम सचमुच बदला है -> परिवर्तन -> गजट चाहिए बहुत से लोग बिना ज़रूरत के गजट करा लेते हैं, क्योंकि किसी ने बता दिया कि करा लो। पहले यह तय कीजिए, फिर खर्च कीजिए।

यह फ़र्क़ किस दफ़्तर में कैसे समझाया जाए, यह हमारे सुधार बनाम परिवर्तन पन्ने पर विस्तार से है।

तीन चरण, क्रम से

  1. पहले आधार ठीक कराइए

    क्योंकि आगे लगभग हर दफ़्तर आपके कागज़ आधार से मिलाकर देखता है। नाम बदलवाने के लिए केंद्र पर जाना पड़ता है, यह ऑनलाइन नहीं होता।

  2. शपथ पत्र बनवाइए

    स्टाम्प पेपर पर, नोटरी से। शहर में कहीं भी बनवा सकते हैं, मुहर हर जगह बराबर मानी जाती है।

  3. दो अख़बारों में सूचना छपवाइए

    एक हिंदी का दैनिक और एक अंग्रेज़ी का। पूरे पन्ने की छह प्रतियाँ ख़रीद लीजिए, कतरन काम नहीं आती।

  4. भारतकोश पर 1,100 रुपये जमा कीजिए

    ऑनलाइन, और दो रसीदें प्रिंट कर लीजिए।

  5. पूरी फाइल दिल्ली भेजिए

    ट्रैकिंग वाले कूरियर से, और घर पर पूरी नकल रख लीजिए।

  6. फिर बाकी कागज़ बदलवाइए

    आधार, पैन, बैंक, पासपोर्ट, इसी क्रम में।

हर चरण में कितना समय लगता है, यह हमारे समय वाले पन्ने पर है।

अंकतालिका सबसे ऊपर क्यों

लोग सोचते हैंदफ़्तर मानते हैं
आधार सबसे बड़ा कागज़ हैअंकतालिका नाम की गवाही है
कोई भी पहचान पत्र चलेगाजो सबसे पुराना हो, वह भारी पड़ता है
नया कागज़ ज़्यादा सही हैपुराना कागज़ ज़्यादा भरोसेमंद है
माता-पिता का नाम अलग से देना होगावह भी अंकतालिका पर है
हाईस्कूल की अंकतालिका इतनी भारी क्यों: यह उस वक़्त का कागज़ है जब आपके नाम पर कोई और सरकारी कागज़ बना ही नहीं था इसे दोबारा बनवाना मुश्किल है, इसलिए इसमें हेरफेर भी मुश्किल है इस पर माता और पिता का नाम भी लिखा है और यह अक्सर उस रिकॉर्ड से भी पुरानी होती है जिसे आप सुधरवाना चाहते हैं अगर शुरू करने से पहले सिर्फ़ एक कागज़ ढूँढ सकते हैं, तो यही ढूँढिए। और अगर इसी में गलती है, तो पहले इसे ठीक कराइए, क्योंकि बाकी सब इसी को उद्धृत करते हैं।

अंकतालिका में सुधार का पूरा रास्ता हमारे यूपी बोर्ड सुधार पन्ने पर है।

काउंटर कहाँ है

यह सुनकर ज़्यादातर लोगों को राहत मिलती है। कोई सफ़र नहीं, कोई छुट्टी नहीं, बस एक लिफ़ाफ़ा ठीक से बनाना है।

गजट के बाद क्या

प्रकाशन आ जाने के बाद क्रम यह है: 1 आधार 2 पैन 3 बैंक और उससे जुड़े खाते 4 पासपोर्ट, अगर ज़रूरत हो 5 ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर सूची 6 बीमा, राशन कार्ड, ज़मीन के कागज़ क्रम इसलिए मायने रखता है क्योंकि हर अगला दफ़्तर पिछले वाले से मिलाकर देखता है। और एक बात जो लोग भूल जाते हैं: गजट, दोनों अख़बार के पन्ने और शपथ पत्र हमेशा साथ रखिए ये तीनों आगे कई साल तक माँगे जाते हैं।

पूरा क्रम और हर कागज़ की वजह हमारे क्रम वाले पन्ने पर है।

केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप

हमारी मुख्य सेवा: आगे के सारे प्रारूप अंग्रेज़ी में हैं, क्योंकि विभाग को इसी भाषा में जाते हैं। हर एक के नीचे हिंदी में समझाया गया है कि उसमें क्या भरना है।

चरण 1: शपथ पत्र

AFFIDAVIT (on non-judicial stamp paper, notarised) I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ____________________________________________________ , District ____________________ , Uttar Pradesh, do hereby solemnly affirm and declare as under:- 1- That my name is recorded as ____________________ in my High School marksheet, Roll No. ____________________ , issued by ____________________ Board in the year ______ . 2- That I have changed my name from ____________________ to ____________________ and I shall hereafter be known as ____________________ for all purposes. 3- That both the said names are the name of one and the same person, that is, myself. 4- That it is my true and correct statement. DEPONENT VERIFICATION:- Verified at ____________ on this __-__-20__ that the contents of the above Affidavit are true and correct to the best of my knowledge and belief. DEPONENT

हिंदी में समझिए: पहली पंक्ति में अपना नाम, पिता का नाम और पूरा पता। बिंदु एक में वह नाम जो अंकतालिका पर छपा है, उसका अनुक्रमांक और बोर्ड का नाम। बिंदु दो में पुराना और नया नाम। बिंदु तीन कहता है कि दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं। नीचे सत्यापन में शहर और तारीख। नोटरी से मुहर लगवाइए।

चरण 2: सार्वजनिक सूचना, दो प्रतियों में

PUBLIC NOTICE (TWO identical typed copies, each signed and witnessed) It is for general information that I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ______________________________ ____________________________________ , declare that I have changed my name from ____________________ to ____________________ and I shall hereafter be known as ____________________ for all purposes. It is certified that I have complied with other legal requirements in this connection. ____________________ Signature of Applicant WITNESS NO. 1 Signature :- ____________________ Full Name :- ____________________ Address :- ____________________ WITNESS NO. 2 Signature :- ____________________ Full Name :- ____________________ Address :- ____________________

हिंदी में समझिए: यही कागज़ दो बार टाइप होगा, बिल्कुल एक जैसा। दोनों पर आपके दस्तखत, और दोनों पर दो गवाहों के दस्तखत, पूरा नाम और पता। घर के लोग गवाह बन सकते हैं। दूसरी प्रति पर गवाह के दस्तखत छूट जाना फाइल वापस आने का सबसे आम कारण है।

चरण 3: सीडी और सीडी प्रमाणपत्र

CD-CERTIFICATE I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ____________________________________________________ , do hereby declare:- 1- That the matter in CD and hard copy is the same and I am responsible for any mismatch. 2- That I am responsible for the quality of CD. 3- That the CD is in MS-Word Format. 4- That the above statement is true and correct. Signature of Applicant ____________________ R/o ____________________

हिंदी में समझिए: सार्वजनिक सूचना का वही मजमून एक सीडी में एमएस वर्ड फाइल के रूप में जाता है। कागज़ पर आख़िरी वक़्त कोई सुधार किया और सीडी में नहीं किया, तो फाइल वापस आ जाती है। दोनों एक जैसे होने चाहिए।

चरण 4: अख़बार, शुल्क, पत्र और भेजना

  1. दो अख़बारों में सूचना छपवाइए

    अपने जिले का एक हिंदी दैनिक और एक अंग्रेज़ी अख़बार। हर एक के पूरे पन्ने की छह प्रतियाँ ख़रीदिए, कतरन नहीं।

  2. भारतकोश पर 1,100 रुपये जमा कीजिए

    वयस्क के लिए 1,100 और नाबालिग के लिए 1,700 रुपये। दो रसीदें प्रिंट कर लीजिए।

  3. पत्र लिखिए

    The Controller, Publication Department, Civil Line, Delhi 110054 के नाम, जिसमें अपना मोबाइल नंबर और ईमेल ज़रूर दीजिए।

  4. फाइल जमा कीजिए और नकल रखिए

    हर कागज़ की एक पूरी नकल घर पर, क्योंकि यही आपके पास बचेगी।

  5. ट्रैकिंग वाले कूरियर से भेजिए

    प्रदेश के ज़्यादातर जिलों से दिल्ली एक से तीन दिन।

  6. फिर इंतज़ार कीजिए, फ़ोन मत कीजिए

    प्रकाशन ऑनलाइन खोजकर देख लीजिए, यही सबसे तेज़ तरीका है।

दस्तखत करने से पहले पढ़िए

जो लोग टाइपिंग की दुकान से कागज़ बनवाते हैं, उनसे यही चूक होती है। दस्तखत करने से पहले चार चीज़ें मिलाइए: [ ] पुराना नाम, अक्षर दर अक्षर [ ] नया नाम, अक्षर दर अक्षर [ ] पिता का नाम [ ] पता और जिला अंग्रेज़ी में लिखा है इसका मतलब यह नहीं कि आप जाँच नहीं सकते। नाम तो नाम ही रहता है, चाहे किसी लिपि में हो। टाइप करने वाला जल्दी में एक अक्षर उलट सकता है। और वही अक्षर छपकर गजट में चला जाएगा। पढ़ने में दो मिनट लगते हैं। सुधरवाने में दो महीने।

अगर हिंदी और अंग्रेज़ी में आपके नाम की वर्तनी अलग-अलग जगह अलग है, तो वह अपने आप में एक आम मामला है, जो हमारे लिप्यंतरण वाले पन्ने पर समझाया गया है।

शुल्क, समय और फाइल

वयस्क गजट शुल्क1,100 रुपये
नाबालिग गजट शुल्क1,700 रुपये
अख़बारहर अख़बार के कुछ सौ रुपये
शपथ पत्रस्टाम्प और नोटरी मिलाकर 100 से 500 रुपये
कूरियरदो सौ रुपये के आसपास
समयलगभग 25 से 45 दिन
हमारी सेवाबेसिक 999 रुपये से, कम्पलीट 1,999 रुपये से, अलग से

लिफ़ाफ़े में यह सब जाता है: मोबाइल और ईमेल सहित पत्र, नोटरी किया शपथ पत्र, दो प्रतियों में टाइप की सार्वजनिक सूचना जिन पर दो-दो गवाह हों, एमएस वर्ड की सीडी और उसका प्रमाणपत्र, दोनों अख़बारों के पूरे पन्ने, पहचान पत्र, पते का प्रमाण, फोटो और भारतकोश की रसीद।

शुरू करने से पहले जाँच लीजिए

गजट के बाद कौन सा कागज़

पहले आधार, फिर पैन, फिर बैंक, और फिर जो आपकी अपनी ज़रूरत हो। गजट, दोनों अख़बार के पन्ने और शपथ पत्र एक साथ हमेशा के लिए संभालकर रखिए, क्योंकि ये तीनों आगे कई साल तक माँगे जाते हैं।

जो दूसरी वेबसाइटें गलत बताती हैं

हम कहाँ सेवा देते हैं

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में। सबसे ज़्यादा इन जगहों से काम आता है:

मध्यलखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी
पश्चिमनोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर
पूर्ववाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, देवरिया, गाज़ीपुर
बुंदेलखंडझाँसी, बाँदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन
रुहेलखंडबरेली, शाहजहाँपुर, पीलीभीत, बदायूँ, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा

आपका जिला सिर्फ़ दो बातें तय करता है: किन अख़बारों में सूचना छपेगी, और कौन सा स्थानीय दफ़्तर आपका रिकॉर्ड रखता है। गजट सब जगह से एक जैसा है। हमारा चैंबर Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010 में है। फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002, किसी भी जिले से।

कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे

शपथ पत्र
स्टाम्प पेपर पर लिखा और नोटरी से प्रमाणित बयान, जिसमें आप शपथ लेकर कहते हैं कि दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं।
सार्वजनिक सूचना
गजट फाइल में जाने वाला टाइप किया हुआ कागज़, दो एक जैसी प्रतियों में, हर एक पर दो गवाहों के दस्तखत।
गजट
भारत सरकार का सरकारी पत्र, जिसमें नाम परिवर्तन की अधिसूचना छपती है और जो स्थायी सार्वजनिक रिकॉर्ड बन जाती है।
प्रकाशन विभाग
दिल्ली का वह दफ़्तर जहाँ केंद्रीय गजट की सारी फाइलें जाती हैं, सिविल लाइन, दिल्ली 110054।
भारतकोश
सरकारी शुल्क ऑनलाइन जमा करने का पोर्टल, जहाँ गजट का 1,100 रुपये शुल्क भरा जाता है।
नाम सुधार
जब रिकॉर्ड में नाम वही होना था पर गलत टाइप हो गया, जिसमें अक्सर गजट की ज़रूरत नहीं पड़ती।

आगे जिस भी दफ़्तर जाना हो, उसके लिए यहाँ एक पन्ना है। ये अंग्रेज़ी में हैं:

हम प्रारूप हिंदी में समझाकर क्यों देते हैं

बहुत से लोग हमारे पास तब आते हैं जब गजट में उनका नाम गलत छप चुका होता है। पूछने पर पता चलता है कि किसी ने अंग्रेज़ी में टाइप कर दिया था और उन्होंने पढ़े बिना दस्तखत कर दिए। यह उनकी गलती नहीं है। कागज़ उस भाषा में था जिसमें वे रोज़ काम नहीं करते। इसलिए हम हर प्रारूप के साथ हिंदी में यह लिखकर देते हैं कि उसमें क्या भरा जा रहा है, और दस्तखत से पहले एक बार मिलाने को कहते हैं। विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, यही तरीका पाँच साल से चला रहे हैं।

Associate office at Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010, serving all 75 districts of Uttar Pradesh, Monday to Saturday, 10 AM to 6:30 PM. फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002

दोनों नाम हिंदी में भेज दीजिए

Uttar Pradesh Name Change

Associate Office: Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010

Head Office: Metro Pillar 337, Hardev Nagar, Street 1, Shop No 1 (Shri Sham Documentation)

फ़ोन: 9540003316

व्हाट्सएप: 9540005002

ईमेल: info@uttarpradeshnamechange.com

समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 6:30 बजे

पुराना और नया नाम हिंदी में लिखकर भेज दीजिए, और अंकतालिका की फोटो। हम अंग्रेज़ी का प्रारूप तैयार करके वापस भेज देंगे।

कॉल और नाम परिवर्तन प्रारूप पाइए

फ़ॉर्म खुल रहा है...

बेकार कॉल नहींसरकारी शुल्क और हमारी फ़ीस अलग-अलग

आम सवाल

क्या गजट की फाइल हिंदी में दे सकते हैं?

प्रारूप अंग्रेज़ी में ही बनते हैं। इसीलिए यहाँ हर प्रारूप के नीचे हिंदी में समझाया गया है कि उसमें क्या भरना है।

क्या हर मामले में गजट ज़रूरी है?

नहीं। अगर सिर्फ़ वर्तनी गलत टाइप हुई है तो अक्सर गजट की ज़रूरत नहीं पड़ती, और यही लगभग 1,500 रुपये तथा कई हफ़्ते बचाता है।

गजट का दफ़्तर उत्तर प्रदेश में कहाँ है?

कहीं नहीं। पूरी फाइल डाक से प्रकाशन विभाग, सिविल लाइन, दिल्ली जाती है।

दिल्ली से दूर रहने पर देर होगी?

नहीं। फाइलें क्रम से देखी जाती हैं, और कूरियर को दूरी से फ़र्क़ नहीं पड़ता।

कितना समय लगता है?

लगभग 25 से 45 दिन, और इसे कोई छोटा नहीं कर सकता।

कौन सा कागज़ सबसे ज़रूरी है?

हाईस्कूल की अंकतालिका, क्योंकि वह उस समय की है जब आपके नाम पर और कोई सरकारी कागज़ बना ही नहीं था।

अंकतालिका में ही नाम गलत है तो?

तो पहले उसे ठीक कराइए, क्योंकि आगे हर जगह उसी का हवाला दिया जाता है।

अख़बार की कतरन चलेगी?

नहीं। पूरे पन्ने चाहिए, जिन पर अख़बार का नाम और तारीख दिखती हो।

गवाह कौन बन सकता है?

घर के लोग भी बन सकते हैं। हर गवाह के दस्तखत, पूरा नाम और पता चाहिए, और दोनों प्रतियों पर।

सबसे ज़्यादा फाइलें किस वजह से वापस आती हैं?

दूसरी प्रति पर गवाह के दस्तखत छूट जाना, और सीडी का मजमून कागज़ से न मिलना।

पहले कौन सा कागज़ बदलवाएँ?

आधार, क्योंकि आगे लगभग हर दफ़्तर बाकी कागज़ उसी से मिलाकर देखता है।

क्या मुझे लखनऊ आना पड़ेगा?

नहीं। कागज़ कूरियर से या फोटो खींचकर भेजे जा सकते हैं।

आधिकारिक स्रोत

यहाँ दी गई बातें इन स्रोतों और हमारे अपने काम से जाँची गई हैं। शुल्क, प्रारूप और समय बदलते रहते हैं, इसलिए फाइल भेजने से पहले मौजूदा नियम देख लीजिए।

संस्थापक के बारे में: विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, ने यह दफ़्तर शुरू किया। प्रकाशन विभाग में सीधे फाइल लगाने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव। यहाँ लिखी हर बात उन फाइलों से आई है जो हमने खुद बनाईं और प्रकाशन तक पहुँचाईं, किसी और वेबसाइट से नकल करके नहीं।

संक्षेप में

नाम बदलने की प्रक्रिया अपने आप में सीधी है। शपथ पत्र, दो अख़बारों में सूचना, और गजट में प्रकाशन। शुल्क वयस्क के लिए 1,100 रुपये और समय लगभग 25 से 45 दिन। उलझन प्रक्रिया में नहीं, भाषा में है। आपका पूरा काम हिंदी में चलता है, नोटरी से बात, अख़बार का हिंदी संस्करण, तहसील में बातचीत, लेकिन गजट की फाइल में जो जाता है वह अंग्रेज़ी में होता है। नतीजा यह होता है कि लोग किसी से टाइप करवा लेते हैं और यह समझे बिना दस्तखत कर देते हैं कि उसमें लिखा क्या है, और अगर उसमें गलती रह गई तो वह छपकर सरकारी रिकॉर्ड बन जाती है। इसलिए हर प्रारूप यहाँ ज्यों का त्यों दिया है और हर एक के नीचे हिंदी में समझाया है कि उसमें क्या भरना है। दस्तखत करने से पहले चार चीज़ें मिला लीजिए: पुराना नाम, नया नाम, पिता का नाम और पता। पढ़ने में दो मिनट लगते हैं, सुधरवाने में दो महीने।

अंग्रेज़ी का प्रारूप चाहिए?

दोनों नाम हिंदी में लिखकर भेज दीजिए। हम अंग्रेज़ी में तैयार करके वापस भेज देंगे।

Call 9540003316 WhatsApp Us
💬
📞 Call Now WhatsApp