छोटा जवाब: अगर आप लखनऊ में ही रहते हैं, तो यहाँ नोटरी, अख़बार, आधार सेवा केंद्र, नगर निगम और पासपोर्ट दफ़्तर सब मिल जाते हैं। अगर आप दूसरे जिले से आ रहे हैं, तो पहले रुकिए। गजट का दफ़्तर यहाँ भी नहीं है, वह दिल्ली में है, और आपका जन्म, मार्कशीट या ज़मीन का रिकॉर्ड आपके अपने जिले में ही रहेगा। राजधानी होना अलग बात है, हर काम यहाँ होना अलग।
यह पन्ना इसलिए है कि हमारे दफ़्तर में हर हफ़्ते कोई ऐसा आता है जो बेवजह सफ़र करके आया होता है।
एक नज़र में
| गजट का दफ़्तर | यहाँ नहीं, दिल्ली में |
| जन्म का रिकॉर्ड | जहाँ जन्म हुआ, वहीं |
| मार्कशीट सुधार | अपने स्कूल के ज़रिए |
| आधार | किसी भी शहर के केंद्र पर |
| नोटरी और अख़बार | हर जिले में मिलते हैं |
| पासपोर्ट दफ़्तर | यहाँ है, पर हर जिले का नहीं |
| लखनऊ वालों के लिए | सब कुछ पास में |
| बाहर वालों के लिए | अक्सर आने की ज़रूरत नहीं |
मुख्य बातें
- राजधानी होने से हर रिकॉर्ड यहाँ नहीं आ जाता।
- गजट की फाइल यहाँ से भी दिल्ली ही जाती है।
- आने से पहले फ़ोन पर पूछ लेना सबसे सस्ता है।
- लखनऊ में रहने वालों के लिए सब कुछ पास है।
- कागज़ फोटो और कूरियर से आ-जा सकते हैं।
ज़रूरी बातें: Quick Facts
| आने से पहले | फ़ोन करके पूछ लीजिए |
| जन्म प्रमाण पत्र | अपने जिले में |
| बोर्ड मार्कशीट | अपने स्कूल से |
| ज़मीन के कागज़ | अपनी तहसील में |
| गजट | कहीं से भी, डाक से |
| शपथ पत्र | किसी भी शहर का नोटरी |
| अख़बार | अपने जिले का संस्करण |
| हमारा चैंबर | गोमती नगर विस्तार |
इस पन्ने में क्या है
- राजधानी सब नहीं करती
- यहाँ सचमुच क्या होता है
- यहाँ क्या नहीं होता
- लखनऊ में रहने वालों के लिए
- आने से पहले यह पूछिए
- कागज़ आ-जा सकते हैं, आप नहीं
- केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
- हम कहाँ सेवा देते हैं
- कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
- इससे जुड़े पन्ने
- हमारा दफ़्तर क्यों
- आम सवाल
राजधानी सब नहीं करती
यही नियम पूरे प्रदेश में चलता है और हमारे जिलों वाले पन्ने पर विस्तार से है।
यहाँ सचमुच क्या होता है
- पासपोर्ट का दफ़्तर यहाँ है, और प्रदेश के पूर्वी तथा मध्य हिस्से के कई जिले इसी के अधीन आते हैं।
- आधार का क्षेत्रीय दफ़्तर यहाँ है, जहाँ आधार से जुड़ी बड़ी शिकायतें जाती हैं।
- राज्य सरकार के विभाग यहाँ हैं, जो कुछ राज्य स्तर की सेवाओं के लिए मायने रखते हैं।
- हमारा चैंबर यहाँ है, गोमती नगर विस्तार में, जहाँ से हम पूरे प्रदेश का काम देखते हैं।
- और वही सब जो हर शहर में है, नोटरी, अख़बार, आधार केंद्र, नगर निगम।
ध्यान दीजिए कि इनमें से आख़िरी चीज़ें आपके अपने शहर में भी हैं। उनके लिए यात्रा का कोई कारण नहीं।
यहाँ क्या नहीं होता
| लोग सोचते हैं यहाँ होगा | असल में कहाँ होता है |
|---|---|
| गजट में नाम चढ़ाना | दिल्ली, डाक से, कहीं से भी |
| दूसरे जिले का जन्म प्रमाण पत्र | उसी जिले में |
| बोर्ड मार्कशीट सुधार | अपने स्कूल के ज़रिए |
| दूसरे जिले की ज़मीन का नाम | उसी तहसील में |
| दूसरे जिले का जाति प्रमाण पत्र | अपने जिले में |
राज्य के गजट का दफ़्तर ज़रूर यहाँ है, पर वह हर जगह नहीं चलता, जैसा हमारे गजट वाले पन्ने पर बताया गया है।
लखनऊ में रहने वालों के लिए
नोटरी और टाइपिंग
कचहरी के आसपास, और शहर में और भी कई जगह। मुहर हर जगह बराबर मानी जाती है, इसलिए जो पास हो वहीं जाइए।
अख़बार में सूचना
लखनऊ संस्करण वाले हिंदी और अंग्रेज़ी अख़बार, किसी भी विज्ञापन एजेंट के ज़रिए।
आधार सेवा केंद्र
शहर में कई हैं, और नाम बदलवाने के लिए वहीं जाना होता है।
जन्म प्रमाण पत्र
अगर जन्म लखनऊ में हुआ था तो नगर निगम, वरना अपने जिले में।
पासपोर्ट
यहाँ का दफ़्तर, पर समय पहले से लीजिए और गजट आने के बाद ही।
और गजट
वह भी यहीं से हो जाएगा, बस फाइल दिल्ली भेजनी होगी।
लखनऊ के इन दफ़्तरों का ब्योरा हमारे लखनऊ वाले अंग्रेज़ी पन्ने पर पते समेत है।
आने से पहले यह पूछिए
हमसे भी पूछ सकते हैं, और अगर जवाब यह हो कि आने की ज़रूरत नहीं, तो हम वही कहेंगे।
कागज़ आ-जा सकते हैं, आप नहीं
- लगभग सारा कागज़ी काम फोटो से हो जाता है, व्हाट्सएप पर भेजी गई साफ़ तस्वीर काफ़ी है।
- असली कागज़ कूरियर से आते-जाते हैं, और ट्रैकिंग से पता रहता है कि कहाँ हैं।
- शपथ पत्र आपके अपने शहर में बनता है, इसलिए उसके लिए कहीं जाना नहीं पड़ता।
- अख़बार भी आपके जिले का ही चाहिए, इसलिए वह भी वहीं से।
- जिन दो कामों में ख़ुद जाना पड़ता है वे हैं आधार का केंद्र और पासपोर्ट का समय, और वे भी आपके अपने क्षेत्र में।
इसीलिए हमारे ज़्यादातर ग्राहक हमसे कभी मिले ही नहीं, और उनका काम पूरा हो गया।
केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
ध्यान दीजिए: यह पूरी प्रक्रिया आप किसी भी जिले से कर सकते हैं। इसके लिए लखनऊ आने की कोई ज़रूरत नहीं है।
चरण 1: शपथ पत्र
हिंदी में समझिए: सत्यापन में अपने अपने शहर का नाम लिखिए, लखनऊ नहीं, क्योंकि यह वहीं बनेगा जहाँ आप नोटरी से मुहर लगवा रहे हैं। यह छोटी सी बात है और अक्सर गलत भर दी जाती है।
चरण 2: सार्वजनिक सूचना, दो प्रतियों में
हिंदी में समझिए: दो प्रतियाँ, बिल्कुल एक जैसी, और दोनों पर दो गवाहों के दस्तखत, पूरा नाम और पता। गवाह आपके अपने शहर के लोग हो सकते हैं।
चरण 3: सीडी और सीडी प्रमाणपत्र
चरण 4: अख़बार, शुल्क, पत्र और भेजना
अपने जिले के दो अख़बारों में सूचना छपवाइए
लखनऊ के नहीं, अपने जिले के। पूरे पन्ने की छह प्रतियाँ।
भारतकोश पर 1,100 रुपये जमा कीजिए
ऑनलाइन, कहीं से भी, दो रसीदें प्रिंट कर लीजिए।
पत्र लिखिए
The Controller, Publication Department, Civil Line, Delhi 110054 के नाम।
पूरी फाइल की नकल घर पर रखिए
क्योंकि भेजी हुई फाइल वापस नहीं आती।
अपने शहर से सीधे दिल्ली भेजिए
लखनऊ होकर भेजने की कोई ज़रूरत नहीं, वह सिर्फ़ देर करेगा।
फिर egazette.gov.in पर ख़ुद खोजिए
यह भी कहीं से हो जाता है।
वह सफ़र जो हर हफ़्ते बेकार जाता है
शुल्क, समय और फाइल
| वयस्क गजट शुल्क | 1,100 रुपये |
| नाबालिग गजट शुल्क | 1,700 रुपये |
| शपथ पत्र | 100 से 500 रुपये |
| अख़बार | हर अख़बार के कुछ सौ रुपये |
| कूरियर | दो सौ के आसपास |
| लखनऊ आने का | अक्सर बचाया जा सकता है |
| हमारी सेवा | बेसिक 999, कम्पलीट 1,999 रुपये से |
दूर के जिले से होने पर हमारा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है, क्योंकि काम वैसे भी फोटो और कूरियर से होता है।
चलने से पहले जाँच लीजिए
- यह काम किस दफ़्तर में होता है, यह पता है?
- वह दफ़्तर लखनऊ में है या आपके अपने जिले में?
- ख़ुद जाना ज़रूरी है, या कागज़ भेजकर हो जाएगा?
- अगर आ रहे हैं, तो सारे कागज़ साथ हैं?
गजट के बाद क्या
आधार, फिर पैन, फिर बैंक, और ये सब आपके अपने शहर में हो जाते हैं। पासपोर्ट के लिए वही दफ़्तर जो आपके जिले को देखता है, जो हर किसी के लिए लखनऊ नहीं होता।
जो दूसरी वेबसाइटें गलत बताती हैं
- गलत: राजधानी में काम जल्दी होता है। सही: रिकॉर्ड अपने जिले में रहता है, इसलिए काम भी वहीं होता है।
- गलत: गजट के लिए लखनऊ आइए। सही: गजट का दफ़्तर प्रदेश में कहीं नहीं, फाइल दिल्ली जाती है।
- गलत: लखनऊ से भेजी फाइल जल्दी लगती है। सही: फाइलें क्रम से देखी जाती हैं, जगह से फ़र्क़ नहीं।
- गलत: अख़बार लखनऊ का दे दीजिए। सही: अपने जिले का संस्करण चाहिए।
- गलत: मिलने आना पड़ेगा। सही: लगभग सारा काम फोटो और कूरियर से हो जाता है।
हम कहाँ सेवा देते हैं
लखनऊ से, उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में। हमारे ज़्यादातर ग्राहक हमसे कभी मिले नहीं:
| मध्य | लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी |
| पश्चिम | नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर |
| पूर्व | वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, देवरिया, गाज़ीपुर |
| बुंदेलखंड | झाँसी, बाँदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन |
| रुहेलखंड | बरेली, शाहजहाँपुर, पीलीभीत, बदायूँ, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा |
लखनऊ में हैं तो आकर मिल सकते हैं, चैंबर नंबर 19, सदर तहसील, सेक्टर 5, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ 226010। बाहर से हैं तो आने की ज़रूरत नहीं। फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002।
कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
- केंद्रीय गजट
- भारत सरकार का गजट, जिसका दफ़्तर दिल्ली में है। उत्तर प्रदेश में इसका कोई कार्यालय नहीं, फाइल डाक से जाती है।
- राज्य गजट
- राज्य सरकार का गजट, जिसका दफ़्तर लखनऊ में है, पर जो हर जगह नहीं चलता।
- जारी करने वाला दफ़्तर
- वह निकाय जिसने आपका कागज़ बनाया। सुधार वहीं होता है, राजधानी में नहीं।
- पासपोर्ट सेवा केंद्र
- जहाँ पासपोर्ट का आवेदन दिया जाता है। हर जिले का केंद्र लखनऊ नहीं होता।
- आधार सेवा केंद्र
- जहाँ आधार में नाम बदलता है। यह हर शहर में मिलता है।
- भारतकोश
- सरकारी शुल्क ऑनलाइन जमा करने का पोर्टल, जो कहीं से भी इस्तेमाल हो सकता है।
इससे जुड़े पन्ने
आगे जो भी काम हो, उसके लिए यहाँ एक पन्ना है:
- नाम परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया: हिंदी में, हर प्रारूप के साथ।
- गजट में नाम परिवर्तन: केंद्रीय और राज्य का फ़र्क़।
- नाम बदलने का खर्च: सरकारी और सेवा शुल्क अलग-अलग।
- the same guide in English: पते और ब्योरे समेत।
- जिलों वाला पन्ना: कौन सी छह चीज़ें स्थानीय होती हैं।
- लखनऊ के आधार केंद्र: कौन सा केंद्र किस तरह का है।
- लखनऊ का पासपोर्ट दफ़्तर: पते और क्रम के साथ।
- लखनऊ के नोटरी: कहाँ और कैसे।
- जन्म प्रमाण पत्र: रिकॉर्ड जन्म की जगह पर रहता है।
- चालीस सवालों के जवाब: असर के हिसाब से क्रम में।
- दफ़्तर से संपर्क: फ़ोन और व्हाट्सएप।
हम मना क्यों कर देते हैं
जब कोई दूसरे जिले से फ़ोन करके पूछता है कि लखनऊ कब आ जाएँ, तो हमारा पहला जवाब अक्सर यही होता है कि मत आइए। पहले हम पूछते हैं कि काम क्या है और जिला कौन सा, और ज़्यादातर मामलों में पता चलता है कि वह काम उनके अपने शहर में हो जाएगा या डाक से हो जाएगा। यह हमारे लिए फ़ायदे का जवाब नहीं है, पर बेवजह आया हुआ आदमी शाम को थका हुआ लौटता है और उसका दिन चला जाता है। हमने यह बहुत बार देखा है। विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, आने से पहले फ़ोन करने को कहते हैं।
- पहले पूछते हैं कि आना ज़रूरी है या नहीं: और अक्सर नहीं होता।
- काम फोटो और कूरियर से करते हैं: पूरे प्रदेश के लिए।
- दूर के जिले का अतिरिक्त शुल्क नहीं लेते: क्योंकि तरीका वही रहता है।
- लखनऊ वालों का स्वागत है: चैंबर गोमती नगर विस्तार में है।
Associate office at Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010, serving all 75 districts of Uttar Pradesh, Monday to Saturday, 10 AM to 6:30 PM. फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002।
चलने से पहले एक फ़ोन
Uttar Pradesh Name Change
Associate Office: Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010
Head Office: Metro Pillar 337, Hardev Nagar, Street 1, Shop No 1 (Shri Sham Documentation)
फ़ोन: 9540003316
व्हाट्सएप: 9540005002
ईमेल: info@uttarpradeshnamechange.com
समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 6:30 बजे
काम और जिला बता दीजिए। अगर आने की ज़रूरत नहीं होगी तो हम यही कहेंगे, और आपका एक दिन बच जाएगा।
कॉल और नाम परिवर्तन प्रारूप पाइए
फ़ॉर्म खुल रहा है...
आम सवाल
क्या गजट के लिए लखनऊ आना पड़ेगा?
नहीं। केंद्रीय गजट का कोई दफ़्तर प्रदेश में नहीं है, फाइल दिल्ली जाती है और वह आपके अपने शहर से भी जा सकती है।
राजधानी में काम जल्दी नहीं होता?
नहीं। आपका रिकॉर्ड उसी जिले में है जहाँ बना था, और लखनऊ का दफ़्तर वह पन्ना नहीं बदल सकता जो उसके पास है ही नहीं।
मेरा जन्म प्रमाण पत्र दूसरे जिले का है।
तो सुधार वहीं होगा। लखनऊ आने से कुछ नहीं बदलेगा।
मार्कशीट का सुधार यहाँ हो जाएगा?
नहीं। वह आपके स्कूल के ज़रिए बोर्ड तक जाता है, और स्कूल आपके अपने शहर में है।
तो लखनऊ में क्या होता है?
पासपोर्ट का दफ़्तर, आधार का क्षेत्रीय दफ़्तर, राज्य सरकार के विभाग, और वही सब जो हर शहर में है।
क्या मुझे आपसे मिलने आना पड़ेगा?
नहीं। लगभग सारा काम फोटो और कूरियर से हो जाता है, और हमारे ज़्यादातर ग्राहक हमसे कभी मिले ही नहीं।
दूर के जिले से होने पर ज़्यादा शुल्क लगेगा?
नहीं, कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं। तरीका वही रहता है।
अख़बार लखनऊ का दे दूँ?
नहीं, अपने जिले का संस्करण चाहिए।
शपथ पत्र कहाँ बनवाऊँ?
अपने ही शहर में। नोटरी की मुहर हर जगह बराबर मानी जाती है।
सत्यापन में कौन सा शहर लिखूँ?
वही जहाँ आप नोटरी से मुहर लगवा रहे हैं, लखनऊ नहीं। यह अक्सर गलत भर दिया जाता है।
क्या फाइल लखनऊ होकर भेजनी चाहिए?
नहीं। अपने शहर से सीधे दिल्ली भेजिए, बीच में लखनऊ लाना सिर्फ़ देर करेगा।
पासपोर्ट के लिए भी लखनऊ आना होगा?
यह इस पर निर्भर है कि आपका जिला किस दफ़्तर के अधीन है। हर जिला लखनऊ के अधीन नहीं आता।
आधिकारिक स्रोत
- प्रकाशन विभाग, सिविल लाइन, दिल्ली 110054, केंद्रीय गजट के लिए।
- पासपोर्ट सेवा पोर्टल passportindia.gov.in, यह देखने के लिए कि आपका जिला किस दफ़्तर के अधीन है।
- लखनऊ नगर निगम और जिला प्रशासन, स्थानीय सेवाओं के लिए।
- ई-गजट पोर्टल egazette.gov.in, प्रकाशित अधिसूचना खोजने के लिए।
यहाँ दी गई बातें इन स्रोतों और हमारे अपने काम से जाँची गई हैं। दफ़्तरों के क्षेत्राधिकार बदलते रहते हैं, इसलिए यात्रा से पहले पोर्टल पर या फ़ोन से पुष्टि कर लीजिए।
संक्षेप में
लखनऊ राजधानी है, और इसी वजह से हर हफ़्ते कोई न कोई अपने जिले से यहाँ चला आता है यह सोचकर कि जो काम वहाँ अटका है वह यहाँ हो जाएगा। ज़्यादातर मामलों में नहीं होता, और वजह सीधी है। आपका काम सरकार के पास नहीं अटका होता, वह उस दफ़्तर में अटका होता है जहाँ आपका रिकॉर्ड रखा है, और वह रिकॉर्ड वहीं रहता है जहाँ बना था। लखनऊ का कोई दफ़्तर सीतापुर के रजिस्टर में लिखा नाम नहीं बदल सकता, क्योंकि वह पन्ना उसके पास है ही नहीं। गजट के लिए तो और भी साफ़ बात है: केंद्रीय गजट का कोई कार्यालय पूरे उत्तर प्रदेश में नहीं है, फाइल दिल्ली जाती है, और वह आपके अपने शहर से भी उतनी ही आसानी से जाती है। इसलिए चलने से पहले एक फ़ोन कीजिए। एक फ़ोन बनाम एक दिन, किराया और अक्सर एक दिन की कमाई।
