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आने से पहले पढ़िए।

लखनऊ में नाम परिवर्तन कैसे कराएँ

लखनऊ राजधानी है, इसलिए बहुत से लोग अपने जिले से यहाँ चले आते हैं यह सोचकर कि यहाँ सब हो जाएगा। ज़्यादातर मामलों में ऐसा होता नहीं, क्योंकि आपका रिकॉर्ड उसी जिले में रहता है जहाँ बना था। इसलिए टिकट लेने से पहले यह जान लीजिए कि यहाँ सचमुच क्या होता है, और क्या आपके अपने शहर में ही हो जाएगा।

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राजधानी सब नहीं करती रिकॉर्ड अपने जिले में गजट यहाँ भी नहीं होता आने से पहले पूछ लीजिए

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No spam callsFee quoted upfrontAll 75 UP districts

छोटा जवाब: अगर आप लखनऊ में ही रहते हैं, तो यहाँ नोटरी, अख़बार, आधार सेवा केंद्र, नगर निगम और पासपोर्ट दफ़्तर सब मिल जाते हैं। अगर आप दूसरे जिले से आ रहे हैं, तो पहले रुकिए। गजट का दफ़्तर यहाँ भी नहीं है, वह दिल्ली में है, और आपका जन्म, मार्कशीट या ज़मीन का रिकॉर्ड आपके अपने जिले में ही रहेगा। राजधानी होना अलग बात है, हर काम यहाँ होना अलग।

यह पन्ना इसलिए है कि हमारे दफ़्तर में हर हफ़्ते कोई ऐसा आता है जो बेवजह सफ़र करके आया होता है।

एक नज़र में

गजट का दफ़्तरयहाँ नहीं, दिल्ली में
जन्म का रिकॉर्डजहाँ जन्म हुआ, वहीं
मार्कशीट सुधारअपने स्कूल के ज़रिए
आधारकिसी भी शहर के केंद्र पर
नोटरी और अख़बारहर जिले में मिलते हैं
पासपोर्ट दफ़्तरयहाँ है, पर हर जिले का नहीं
लखनऊ वालों के लिएसब कुछ पास में
बाहर वालों के लिएअक्सर आने की ज़रूरत नहीं

मुख्य बातें

ज़रूरी बातें: Quick Facts

आने से पहलेफ़ोन करके पूछ लीजिए
जन्म प्रमाण पत्रअपने जिले में
बोर्ड मार्कशीटअपने स्कूल से
ज़मीन के कागज़अपनी तहसील में
गजटकहीं से भी, डाक से
शपथ पत्रकिसी भी शहर का नोटरी
अख़बारअपने जिले का संस्करण
हमारा चैंबरगोमती नगर विस्तार

इस पन्ने में क्या है

  1. राजधानी सब नहीं करती
  2. यहाँ सचमुच क्या होता है
  3. यहाँ क्या नहीं होता
  4. लखनऊ में रहने वालों के लिए
  5. आने से पहले यह पूछिए
  6. कागज़ आ-जा सकते हैं, आप नहीं
  7. केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
  8. हम कहाँ सेवा देते हैं
  9. कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
  10. इससे जुड़े पन्ने
  11. हमारा दफ़्तर क्यों
  12. आम सवाल

राजधानी सब नहीं करती

एक सोच जो बहुत आम है: "काम अटक गया है, लखनऊ चलते हैं, राजधानी में हो जाएगा" राजधानी में सरकार बैठती है, यह सच है। पर आपका काम सरकार के पास नहीं अटका होता। वह उस दफ़्तर में अटका होता है जहाँ आपका रिकॉर्ड रखा है। और वह रिकॉर्ड वहीं है जहाँ बना था: जन्म प्रमाण पत्र -> जन्म के जिले में बोर्ड मार्कशीट -> आपके स्कूल से होकर ज़मीन के कागज़ -> अपनी तहसील में जाति प्रमाण पत्र -> अपने जिले में लखनऊ का कोई दफ़्तर सीतापुर के रजिस्टर में लिखा नाम नहीं बदल सकता। उसके पास वह पन्ना है ही नहीं। इसलिए सवाल यह नहीं है कि राजधानी में ज़्यादा ताक़त है या नहीं। सवाल यह है कि कागज़ किसके पास है।

यही नियम पूरे प्रदेश में चलता है और हमारे जिलों वाले पन्ने पर विस्तार से है।

यहाँ सचमुच क्या होता है

ध्यान दीजिए कि इनमें से आख़िरी चीज़ें आपके अपने शहर में भी हैं। उनके लिए यात्रा का कोई कारण नहीं।

यहाँ क्या नहीं होता

लोग सोचते हैं यहाँ होगाअसल में कहाँ होता है
गजट में नाम चढ़ानादिल्ली, डाक से, कहीं से भी
दूसरे जिले का जन्म प्रमाण पत्रउसी जिले में
बोर्ड मार्कशीट सुधारअपने स्कूल के ज़रिए
दूसरे जिले की ज़मीन का नामउसी तहसील में
दूसरे जिले का जाति प्रमाण पत्रअपने जिले में
गजट वाली बात दोहराने लायक है, क्योंकि यह सबसे ज़्यादा गलत समझी जाती है। केंद्रीय गजट का कोई दफ़्तर उत्तर प्रदेश में नहीं है न लखनऊ में, न कहीं और फाइल दिल्ली जाती है, डाक से और यह लखनऊ से भी डाक से ही जाती है। यानी इस काम के लिए लखनऊ आने का कोई फ़ायदा नहीं। बलिया से भेजी फाइल और लखनऊ से भेजी फाइल एक जैसी पढ़ी जाती हैं।

राज्य के गजट का दफ़्तर ज़रूर यहाँ है, पर वह हर जगह नहीं चलता, जैसा हमारे गजट वाले पन्ने पर बताया गया है।

लखनऊ में रहने वालों के लिए

  1. नोटरी और टाइपिंग

    कचहरी के आसपास, और शहर में और भी कई जगह। मुहर हर जगह बराबर मानी जाती है, इसलिए जो पास हो वहीं जाइए।

  2. अख़बार में सूचना

    लखनऊ संस्करण वाले हिंदी और अंग्रेज़ी अख़बार, किसी भी विज्ञापन एजेंट के ज़रिए।

  3. आधार सेवा केंद्र

    शहर में कई हैं, और नाम बदलवाने के लिए वहीं जाना होता है।

  4. जन्म प्रमाण पत्र

    अगर जन्म लखनऊ में हुआ था तो नगर निगम, वरना अपने जिले में।

  5. पासपोर्ट

    यहाँ का दफ़्तर, पर समय पहले से लीजिए और गजट आने के बाद ही।

  6. और गजट

    वह भी यहीं से हो जाएगा, बस फाइल दिल्ली भेजनी होगी।

लखनऊ के इन दफ़्तरों का ब्योरा हमारे लखनऊ वाले अंग्रेज़ी पन्ने पर पते समेत है।

आने से पहले यह पूछिए

दूसरे जिले से चलने से पहले, एक फ़ोन। चार सवाल: [ ] मेरा यह काम किस दफ़्तर में होता है? [ ] क्या वह दफ़्तर लखनऊ में है? [ ] क्या मेरा ख़ुद जाना ज़रूरी है? [ ] या कागज़ भेजकर काम हो जाएगा? अगर जवाब यह निकले कि दफ़्तर आपके अपने जिले में है, तो सफ़र का कोई कारण नहीं। और अगर यह निकले कि काम डाक से होगा, तो भी नहीं। एक फ़ोन बनाम एक दिन, किराया, और अक्सर एक दिन की कमाई। यह अब तक का सबसे सस्ता फ़ोन होगा।

हमसे भी पूछ सकते हैं, और अगर जवाब यह हो कि आने की ज़रूरत नहीं, तो हम वही कहेंगे।

कागज़ आ-जा सकते हैं, आप नहीं

इसीलिए हमारे ज़्यादातर ग्राहक हमसे कभी मिले ही नहीं, और उनका काम पूरा हो गया।

केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप

ध्यान दीजिए: यह पूरी प्रक्रिया आप किसी भी जिले से कर सकते हैं। इसके लिए लखनऊ आने की कोई ज़रूरत नहीं है।

चरण 1: शपथ पत्र

AFFIDAVIT (on non-judicial stamp paper, notarised) I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ____________________________________________________ , District ____________________ , Uttar Pradesh, do hereby solemnly affirm and declare as under:- 1- That my name is recorded as ____________________ in my High School marksheet, Roll No. ____________________ , issued by ____________________ Board in the year ______ . 2- That I have changed my name from ____________________ to ____________________ and I shall hereafter be known as ____________________ for all purposes. 3- That both the said names are the name of one and the same person, that is, myself. 4- That it is my true and correct statement. DEPONENT VERIFICATION:- Verified at ____________ on this __-__-20__ that the contents of the above Affidavit are true and correct to the best of my knowledge and belief. DEPONENT

हिंदी में समझिए: सत्यापन में अपने अपने शहर का नाम लिखिए, लखनऊ नहीं, क्योंकि यह वहीं बनेगा जहाँ आप नोटरी से मुहर लगवा रहे हैं। यह छोटी सी बात है और अक्सर गलत भर दी जाती है।

चरण 2: सार्वजनिक सूचना, दो प्रतियों में

PUBLIC NOTICE (TWO identical typed copies, each signed and witnessed) It is for general information that I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ______________________________ ____________________________________ , declare that I have changed my name from ____________________ to ____________________ and I shall hereafter be known as ____________________ for all purposes. It is certified that I have complied with other legal requirements in this connection. ____________________ Signature of Applicant WITNESS NO. 1 Signature :- ____________________ Full Name :- ____________________ Address :- ____________________ WITNESS NO. 2 Signature :- ____________________ Full Name :- ____________________ Address :- ____________________

हिंदी में समझिए: दो प्रतियाँ, बिल्कुल एक जैसी, और दोनों पर दो गवाहों के दस्तखत, पूरा नाम और पता। गवाह आपके अपने शहर के लोग हो सकते हैं।

चरण 3: सीडी और सीडी प्रमाणपत्र

CD-CERTIFICATE I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ____________________________________________________ , do hereby declare:- 1- That the matter in CD and hard copy is the same and I am responsible for any mismatch. 2- That I am responsible for the quality of CD. 3- That the CD is in MS-Word Format. 4- That the above statement is true and correct. Signature of Applicant ____________________ R/o ____________________

चरण 4: अख़बार, शुल्क, पत्र और भेजना

  1. अपने जिले के दो अख़बारों में सूचना छपवाइए

    लखनऊ के नहीं, अपने जिले के। पूरे पन्ने की छह प्रतियाँ।

  2. भारतकोश पर 1,100 रुपये जमा कीजिए

    ऑनलाइन, कहीं से भी, दो रसीदें प्रिंट कर लीजिए।

  3. पत्र लिखिए

    The Controller, Publication Department, Civil Line, Delhi 110054 के नाम।

  4. पूरी फाइल की नकल घर पर रखिए

    क्योंकि भेजी हुई फाइल वापस नहीं आती।

  5. अपने शहर से सीधे दिल्ली भेजिए

    लखनऊ होकर भेजने की कोई ज़रूरत नहीं, वह सिर्फ़ देर करेगा।

  6. फिर egazette.gov.in पर ख़ुद खोजिए

    यह भी कहीं से हो जाता है।

वह सफ़र जो हर हफ़्ते बेकार जाता है

हमारे दफ़्तर में हर हफ़्ते कोई ऐसा आता है। सुबह की गाड़ी पकड़ी, दिन भर घूमे, शाम को वापस। और जो सुनने आए थे, वह यह था: "यह काम तो आपके अपने जिले में होता है" गलती उनकी नहीं थी। किसी ने कह दिया था कि लखनऊ चले जाओ। इसलिए यह लिख रहे हैं: [ ] आने से पहले फ़ोन कीजिए [ ] काम बताइए, जिला बताइए [ ] पूछिए कि आना ज़रूरी है या नहीं [ ] जवाब न में हो तो मत आइए हमें ग्राहक चाहिए, पर ऐसे नहीं जो बेवजह किराया खर्च करके आएँ।

शुल्क, समय और फाइल

वयस्क गजट शुल्क1,100 रुपये
नाबालिग गजट शुल्क1,700 रुपये
शपथ पत्र100 से 500 रुपये
अख़बारहर अख़बार के कुछ सौ रुपये
कूरियरदो सौ के आसपास
लखनऊ आने काअक्सर बचाया जा सकता है
हमारी सेवाबेसिक 999, कम्पलीट 1,999 रुपये से

दूर के जिले से होने पर हमारा कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है, क्योंकि काम वैसे भी फोटो और कूरियर से होता है।

चलने से पहले जाँच लीजिए

गजट के बाद क्या

आधार, फिर पैन, फिर बैंक, और ये सब आपके अपने शहर में हो जाते हैं। पासपोर्ट के लिए वही दफ़्तर जो आपके जिले को देखता है, जो हर किसी के लिए लखनऊ नहीं होता।

जो दूसरी वेबसाइटें गलत बताती हैं

हम कहाँ सेवा देते हैं

लखनऊ से, उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में। हमारे ज़्यादातर ग्राहक हमसे कभी मिले नहीं:

मध्यलखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी
पश्चिमनोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर
पूर्ववाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, देवरिया, गाज़ीपुर
बुंदेलखंडझाँसी, बाँदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन
रुहेलखंडबरेली, शाहजहाँपुर, पीलीभीत, बदायूँ, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा

लखनऊ में हैं तो आकर मिल सकते हैं, चैंबर नंबर 19, सदर तहसील, सेक्टर 5, गोमती नगर विस्तार, लखनऊ 226010। बाहर से हैं तो आने की ज़रूरत नहीं। फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002

कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे

केंद्रीय गजट
भारत सरकार का गजट, जिसका दफ़्तर दिल्ली में है। उत्तर प्रदेश में इसका कोई कार्यालय नहीं, फाइल डाक से जाती है।
राज्य गजट
राज्य सरकार का गजट, जिसका दफ़्तर लखनऊ में है, पर जो हर जगह नहीं चलता।
जारी करने वाला दफ़्तर
वह निकाय जिसने आपका कागज़ बनाया। सुधार वहीं होता है, राजधानी में नहीं।
पासपोर्ट सेवा केंद्र
जहाँ पासपोर्ट का आवेदन दिया जाता है। हर जिले का केंद्र लखनऊ नहीं होता।
आधार सेवा केंद्र
जहाँ आधार में नाम बदलता है। यह हर शहर में मिलता है।
भारतकोश
सरकारी शुल्क ऑनलाइन जमा करने का पोर्टल, जो कहीं से भी इस्तेमाल हो सकता है।

आगे जो भी काम हो, उसके लिए यहाँ एक पन्ना है:

हम मना क्यों कर देते हैं

जब कोई दूसरे जिले से फ़ोन करके पूछता है कि लखनऊ कब आ जाएँ, तो हमारा पहला जवाब अक्सर यही होता है कि मत आइए। पहले हम पूछते हैं कि काम क्या है और जिला कौन सा, और ज़्यादातर मामलों में पता चलता है कि वह काम उनके अपने शहर में हो जाएगा या डाक से हो जाएगा। यह हमारे लिए फ़ायदे का जवाब नहीं है, पर बेवजह आया हुआ आदमी शाम को थका हुआ लौटता है और उसका दिन चला जाता है। हमने यह बहुत बार देखा है। विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, आने से पहले फ़ोन करने को कहते हैं।

Associate office at Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010, serving all 75 districts of Uttar Pradesh, Monday to Saturday, 10 AM to 6:30 PM. फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002

चलने से पहले एक फ़ोन

Uttar Pradesh Name Change

Associate Office: Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010

Head Office: Metro Pillar 337, Hardev Nagar, Street 1, Shop No 1 (Shri Sham Documentation)

फ़ोन: 9540003316

व्हाट्सएप: 9540005002

ईमेल: info@uttarpradeshnamechange.com

समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 6:30 बजे

काम और जिला बता दीजिए। अगर आने की ज़रूरत नहीं होगी तो हम यही कहेंगे, और आपका एक दिन बच जाएगा।

कॉल और नाम परिवर्तन प्रारूप पाइए

फ़ॉर्म खुल रहा है...

बेकार कॉल नहींसरकारी शुल्क और हमारी फ़ीस अलग-अलग

आम सवाल

क्या गजट के लिए लखनऊ आना पड़ेगा?

नहीं। केंद्रीय गजट का कोई दफ़्तर प्रदेश में नहीं है, फाइल दिल्ली जाती है और वह आपके अपने शहर से भी जा सकती है।

राजधानी में काम जल्दी नहीं होता?

नहीं। आपका रिकॉर्ड उसी जिले में है जहाँ बना था, और लखनऊ का दफ़्तर वह पन्ना नहीं बदल सकता जो उसके पास है ही नहीं।

मेरा जन्म प्रमाण पत्र दूसरे जिले का है।

तो सुधार वहीं होगा। लखनऊ आने से कुछ नहीं बदलेगा।

मार्कशीट का सुधार यहाँ हो जाएगा?

नहीं। वह आपके स्कूल के ज़रिए बोर्ड तक जाता है, और स्कूल आपके अपने शहर में है।

तो लखनऊ में क्या होता है?

पासपोर्ट का दफ़्तर, आधार का क्षेत्रीय दफ़्तर, राज्य सरकार के विभाग, और वही सब जो हर शहर में है।

क्या मुझे आपसे मिलने आना पड़ेगा?

नहीं। लगभग सारा काम फोटो और कूरियर से हो जाता है, और हमारे ज़्यादातर ग्राहक हमसे कभी मिले ही नहीं।

दूर के जिले से होने पर ज़्यादा शुल्क लगेगा?

नहीं, कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं। तरीका वही रहता है।

अख़बार लखनऊ का दे दूँ?

नहीं, अपने जिले का संस्करण चाहिए।

शपथ पत्र कहाँ बनवाऊँ?

अपने ही शहर में। नोटरी की मुहर हर जगह बराबर मानी जाती है।

सत्यापन में कौन सा शहर लिखूँ?

वही जहाँ आप नोटरी से मुहर लगवा रहे हैं, लखनऊ नहीं। यह अक्सर गलत भर दिया जाता है।

क्या फाइल लखनऊ होकर भेजनी चाहिए?

नहीं। अपने शहर से सीधे दिल्ली भेजिए, बीच में लखनऊ लाना सिर्फ़ देर करेगा।

पासपोर्ट के लिए भी लखनऊ आना होगा?

यह इस पर निर्भर है कि आपका जिला किस दफ़्तर के अधीन है। हर जिला लखनऊ के अधीन नहीं आता।

आधिकारिक स्रोत

यहाँ दी गई बातें इन स्रोतों और हमारे अपने काम से जाँची गई हैं। दफ़्तरों के क्षेत्राधिकार बदलते रहते हैं, इसलिए यात्रा से पहले पोर्टल पर या फ़ोन से पुष्टि कर लीजिए।

संस्थापक के बारे में: विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, ने यह दफ़्तर शुरू किया। प्रकाशन विभाग में सीधे फाइल लगाने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव। यहाँ लिखी हर बात उन फाइलों से आई है जो हमने खुद बनाईं और प्रकाशन तक पहुँचाईं, किसी और वेबसाइट से नकल करके नहीं।

संक्षेप में

लखनऊ राजधानी है, और इसी वजह से हर हफ़्ते कोई न कोई अपने जिले से यहाँ चला आता है यह सोचकर कि जो काम वहाँ अटका है वह यहाँ हो जाएगा। ज़्यादातर मामलों में नहीं होता, और वजह सीधी है। आपका काम सरकार के पास नहीं अटका होता, वह उस दफ़्तर में अटका होता है जहाँ आपका रिकॉर्ड रखा है, और वह रिकॉर्ड वहीं रहता है जहाँ बना था। लखनऊ का कोई दफ़्तर सीतापुर के रजिस्टर में लिखा नाम नहीं बदल सकता, क्योंकि वह पन्ना उसके पास है ही नहीं। गजट के लिए तो और भी साफ़ बात है: केंद्रीय गजट का कोई कार्यालय पूरे उत्तर प्रदेश में नहीं है, फाइल दिल्ली जाती है, और वह आपके अपने शहर से भी उतनी ही आसानी से जाती है। इसलिए चलने से पहले एक फ़ोन कीजिए। एक फ़ोन बनाम एक दिन, किराया और अक्सर एक दिन की कमाई।

लखनऊ आना ज़रूरी है?

पहले पूछ लीजिए। अक्सर जवाब होता है कि नहीं, और एक दिन तथा किराया बच जाता है।

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