छोटा जवाब: आवेदन उसी निकाय में जाता है जिसने जन्म दर्ज किया था, यानी शहर में नगर निगम या पालिका और गाँव में ग्राम पंचायत। पहले यह तय कीजिए कि आपको नाम जोड़ना है या नाम सुधारना, क्योंकि दोनों अलग अनुरोध हैं। और चाहे जो हो, दोबारा पंजीकरण मत कराइए, वह एक बड़ी समस्या खड़ी कर देता है।
यह वह कागज़ है जिसे लोग सबसे कम देखते हैं और जिसकी सबसे अचानक ज़रूरत पड़ती है।
एक नज़र में
| रिकॉर्ड कहाँ है | जहाँ जन्म हुआ था |
| आपका आज का पता | इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता |
| शहर में | नगर निगम या नगर पालिका |
| गाँव में | ग्राम पंचायत |
| नाम खाली है | यह जोड़ना है, सुधारना नहीं |
| नाम गलत है | यह सुधार है |
| दोबारा पंजीकरण | कभी नहीं, चाहे आसान लगे |
| पुराना रिकॉर्ड | रजिस्टर में है, भले ऑनलाइन न हो |
मुख्य बातें
- जन्म जहाँ हुआ, रिकॉर्ड वहीं रहता है।
- नाम जोड़ना और नाम सुधारना अलग अनुरोध हैं।
- खाली नाम गलती नहीं, आम बात है।
- दोबारा पंजीकरण से दो रिकॉर्ड बन जाते हैं।
- ऑनलाइन न दिखे तो रिकॉर्ड खत्म नहीं हो गया।
ज़रूरी कागज़: Quick Facts
| मौजूदा प्रमाण पत्र | अगर है तो, चाहे गलत हो |
| पंजीकरण संख्या | प्रमाण पत्र पर लिखी होती है |
| जन्म का स्थान | अस्पताल, शहर या गाँव |
| जन्म का वर्ष | खोज के लिए सबसे ज़रूरी |
| माता-पिता के नाम | जैसे उस समय लिखे गए थे |
| हाईस्कूल अंकतालिका | सही नाम की गवाही |
| शपथ पत्र | नोटरी किया हुआ |
| पावती | आवेदन देने पर ज़रूर लीजिए |
इस पन्ने में क्या है
- रिकॉर्ड जन्म की जगह पर है
- जोड़ना और सुधारना अलग हैं
- खाली नाम गलती नहीं है
- दोबारा पंजीकरण कभी नहीं
- पुराना रिकॉर्ड कैसे मिलेगा
- कौन सा निकाय आपका है
- केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
- हम कहाँ सेवा देते हैं
- कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
- इससे जुड़े पन्ने
- हमारा दफ़्तर क्यों
- आम सवाल
रिकॉर्ड जन्म की जगह पर है
यही वजह है कि नोएडा या गाजियाबाद में रहने वाले लोगों को अक्सर अपने पुराने जिले लौटना पड़ता है, जैसा हमारे नोएडा पन्ने पर बताया गया है।
जोड़ना और सुधारना अलग हैं
| प्रमाण पत्र पर क्या है | आपको क्या माँगना है |
|---|---|
| नाम की जगह खाली | नाम जोड़ना |
| नाम है, पर वर्तनी गलत | नाम सुधारना |
| पूरा नाम ही अलग | नाम सुधारना, सबूत के साथ |
| माता-पिता का नाम गलत | अलग प्रविष्टि का सुधार |
नाम जोड़ने का पूरा रास्ता हमारे नाम जोड़ने वाले पन्ने पर है।
खाली नाम गलती नहीं है
- जन्म पहले दर्ज होता है, नामकरण बाद में, इसलिए बहुत से प्रमाण पत्रों में नाम की जगह खाली रह जाती है।
- यह किसी की लापरवाही नहीं थी, यह व्यवस्था का सामान्य क्रम है और इसकी अनुमति है।
- नाम बाद में जोड़ा जा सकता है, और शुरुआती एक साल के भीतर आम तौर पर बिना शुल्क।
- उसके बाद आवेदन देना पड़ता है, उसी दफ़्तर में जिसने जन्म दर्ज किया था।
- पुराने ग्रामीण प्रमाण पत्रों में यह बहुत आम है, इसलिए घबराने की ज़रूरत नहीं।
यह जानना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि लोग खाली नाम देखकर मान लेते हैं कि पूरा प्रमाण पत्र ही बेकार है, और नया बनवाने चल देते हैं।
दोबारा पंजीकरण कभी नहीं
पुराना रिकॉर्ड ढूँढना मुश्किल लग सकता है
ख़ासकर अगर वह ऑनलाइन नहीं दिखता। तब नया बनवाना आसान लगने लगता है।
पर नया पंजीकरण पुराने को मिटाता नहीं
वह उसके साथ जुड़ जाता है, और अब आपके दो जन्म रिकॉर्ड हो जाते हैं।
दो रिकॉर्ड का मतलब है दो पंजीकरण संख्याएँ
और आगे किसी भी जाँच में यह सवाल खड़ा करता है।
पासपोर्ट और नौकरी की जाँच में यह पकड़ा जाता है
और तब सफ़ाई देना बहुत मुश्किल हो जाता है।
पुराने को ढूँढना हमेशा बेहतर है
चाहे उसमें महीने लग जाएँ।
और उसे सुधरवाना, मिटाना नहीं
रिकॉर्ड सुधरते हैं, हटते नहीं।
पुराना रिकॉर्ड कैसे मिलेगा
ग्रामीण रिकॉर्ड और उस पावती की पूरी बात हमारे बरेली पन्ने पर है।
कौन सा निकाय आपका है
- प्रमाण पत्र पर ही लिखा होता है कि उसे किसने जारी किया। यह पूछताछ से तेज़ रास्ता है।
- बड़े शहरों में नगर निगम, जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा, बरेली।
- छोटे शहरों में नगर पालिका या नगर पंचायत, हर एक का अपना रजिस्टर।
- गाँवों में ग्राम पंचायत, और यही उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा हिस्सा है।
- छावनी क्षेत्रों में छावनी परिषद, जो अलग से पंजीकरण करती है।
एक ही जिले में कई निकाय होते हैं, इसलिए जिला जान लेना काफ़ी नहीं। यह बात हमारे वाराणसी पन्ने पर विस्तार से है।
केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
ध्यान दीजिए: गजट तब चाहिए जब नाम सचमुच बदला हो। जन्म प्रमाण पत्र की वर्तनी सुधारने या नाम जोड़ने के लिए आम तौर पर इसकी ज़रूरत नहीं पड़ती।
चरण 1: शपथ पत्र
हिंदी में समझिए: यहाँ बिंदु एक ख़ास है। इसमें जन्म तिथि, जन्म का स्थान, पंजीकरण संख्या और वह निकाय जिसने दर्ज किया, चारों लिखे जाते हैं। इससे शपथ पत्र ख़ुद बता देता है कि रिकॉर्ड कहाँ है, और कोई पूछताछ नहीं करनी पड़ती।
चरण 2: सार्वजनिक सूचना, दो प्रतियों में
हिंदी में समझिए: यह कागज़ दो बार टाइप होगा, एक जैसा, और दोनों पर दो गवाहों के दस्तखत, पूरा नाम और पता।
चरण 3: सीडी और सीडी प्रमाणपत्र
हिंदी में समझिए: सार्वजनिक सूचना का वही मजमून सीडी में एमएस वर्ड फाइल के रूप में जाता है। एक अक्षर का फ़र्क़ भी फाइल वापस करा देता है।
चरण 4: अख़बार, शुल्क, पत्र और भेजना
दो अख़बारों में सूचना छपवाइए
एक हिंदी दैनिक और एक अंग्रेज़ी अख़बार, पूरे पन्ने की छह प्रतियाँ।
भारतकोश पर 1,100 रुपये जमा कीजिए
ऑनलाइन, दो रसीदें प्रिंट कर लीजिए।
पत्र लिखिए
The Controller, Publication Department, Civil Line, Delhi 110054 के नाम।
पूरी फाइल की नकल घर पर रखिए
क्योंकि भेजी हुई फाइल वापस नहीं आती।
ट्रैकिंग वाले कूरियर से भेजिए
दिल्ली एक से तीन दिन।
फिर आधार और बाकी कागज़
जन्म प्रमाण पत्र अपने अलग रास्ते चलता है।
सही शब्द से माँगिए
शुल्क, समय और फाइल
| नाम जोड़ना, एक साल के भीतर | आम तौर पर बिना शुल्क |
| उसके बाद | निकाय का निर्धारित शुल्क |
| नाम सुधार | निकाय का निर्धारित शुल्क |
| शपथ पत्र | स्टाम्प और नोटरी मिलाकर 100 से 500 रुपये |
| अगर गजट भी चाहिए | वयस्क 1,100 रुपये |
| समय | कुछ हफ़्ते, पुराने रिकॉर्ड में ज़्यादा |
| हमारी सेवा | बेसिक 999 रुपये से, कम्पलीट 1,999 रुपये से, अलग से |
शुल्क हर निकाय का अलग हो सकता है और बदलता रहता है, इसलिए आवेदन से पहले वहीं पूछ लीजिए।
आवेदन से पहले जाँच लीजिए
- जन्म कहाँ हुआ था, और किस निकाय ने दर्ज किया?
- यह नाम जोड़ना है या नाम सुधारना?
- पंजीकरण संख्या और जन्म वर्ष पता है?
- पावती लेने का इरादा है, चाहे वह सिर्फ़ हस्ताक्षर हो?
सुधार के बाद क्या
नया प्रमाण पत्र मिलने पर कई नकलें करा लीजिए और मूल संभालकर रखिए। यह वही कागज़ है जो पासपोर्ट, दाखिले और नौकरी की जाँच में सालों बाद माँगा जाता है, और तब जल्दी में बनवाना मुश्किल होता है।
जो दूसरी वेबसाइटें गलत बताती हैं
- गलत: जहाँ रहते हैं वहीं आवेदन कीजिए। सही: रिकॉर्ड जन्म की जगह पर है, आपके पते पर नहीं।
- गलत: जोड़ना और सुधारना एक ही बात है। सही: ये अलग अनुरोध हैं और गलत माँगने पर आवेदन लौट आता है।
- गलत: खाली नाम का मतलब प्रमाण पत्र गलत है। सही: जन्म पहले दर्ज होता है, नाम बाद में जुड़ता है।
- गलत: पुराना न मिले तो नया बनवा लीजिए। सही: इससे दो रिकॉर्ड बन जाते हैं, जो बहुत बड़ी समस्या है।
- गलत: ऑनलाइन न दिखे तो रिकॉर्ड नहीं है। सही: काग़ज़ी रजिस्टर उसी दफ़्तर में रखा है।
हम कहाँ सेवा देते हैं
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में। यहाँ काम अक्सर दो जिलों का होता है, जन्म का और आज के निवास का:
| मध्य | लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी |
| पश्चिम | नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर |
| पूर्व | वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, देवरिया, गाज़ीपुर |
| बुंदेलखंड | झाँसी, बाँदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन |
| रुहेलखंड | बरेली, शाहजहाँपुर, पीलीभीत, बदायूँ, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा |
अगर जन्म वाला जिला दूर है तो वहाँ के किसी रिश्तेदार से भी काम कराया जा सकता है, और कागज़ी तैयारी हम कर देते हैं। हमारा चैंबर Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010 में है। फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002।
कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
- पंजीकरण संख्या
- जन्म दर्ज होने पर मिलने वाला नंबर, जो प्रमाण पत्र पर लिखा होता है और जिससे रिकॉर्ड सबसे तेज़ी से मिलता है।
- नाम जोड़ना
- जब प्रमाण पत्र पर नाम की जगह खाली है। यह सुधार नहीं है, इसलिए इसी शब्द से माँगिए।
- नाम सुधार
- जब नाम दर्ज तो है पर गलत है। इसमें उस समय का सबूत माँगा जाता है।
- ग्राम पंचायत
- गाँवों में जन्म दर्ज करने वाली इकाई। उत्तर प्रदेश के अधिकांश रिकॉर्ड यहीं बनते हैं।
- छावनी परिषद
- छावनी क्षेत्रों की अपनी निकाय, जो नगर निगम से अलग पंजीकरण करती है।
- पावती
- आवेदन जमा करने की रसीद। आगे शिकायत या पूछताछ का यही आधार बनती है।
इससे जुड़े पन्ने
आगे जो भी काम हो, उसके लिए यहाँ एक पन्ना है:
- नाम परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया: हिंदी में, हर प्रारूप के साथ।
- आधार में नाम बदलना: मौके गिने-चुने हैं।
- यूपी बोर्ड मार्कशीट सुधार: रास्ता स्कूल से जाता है।
- the same guide in English: यही जानकारी अंग्रेज़ी में।
- नाम जोड़ना: खाली नाम वाले प्रमाण पत्रों के लिए।
- ग्राम पंचायत का रास्ता: ग्रामीण रिकॉर्ड के लिए।
- माता-पिता के नाम में सुधार: अलग प्रविष्टि।
- बरेली: ग्रामीण रिकॉर्ड और वह पावती।
- वाराणसी: एक जिले में कई निकाय।
- चालीस सवालों के जवाब: असर के हिसाब से क्रम में।
- दफ़्तर से संपर्क: फ़ोन और व्हाट्सएप।
हम पहले यह क्यों पूछते हैं कि जन्म कहाँ हुआ
जन्म प्रमाण पत्र के मामले में हमारा पहला सवाल यह नहीं होता कि नाम क्या होना चाहिए। हम पूछते हैं कि जन्म कहाँ हुआ था और किस साल, क्योंकि इन्हीं दो जवाबों से पता चलता है कि रिकॉर्ड किस दफ़्तर में है और किस तरह खोजा जाएगा। फिर हम प्रमाण पत्र देखकर तय करते हैं कि यह जोड़ना है या सुधारना, क्योंकि गलत शब्द से माँगने पर लोग बेवजह लौटाए जाते हैं। और अगर किसी को कोई नया प्रमाण पत्र बनवाने की सलाह दे रहा है, तो हम रोकते हैं, क्योंकि दो रिकॉर्ड बनना उससे कहीं बड़ी मुसीबत है। विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, यही सवाल पहले पूछते हैं।
- जन्म की जगह और साल पहले पूछते हैं: रिकॉर्ड वहीं मिलेगा।
- जोड़ना और सुधारना अलग करते हैं: ताकि सही शब्द से माँगा जाए।
- दोबारा पंजीकरण से रोकते हैं: चाहे वह आसान लगे।
- पावती लेने पर ज़ोर देते हैं: आगे यही काम आती है।
Associate office at Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010, serving all 75 districts of Uttar Pradesh, Monday to Saturday, 10 AM to 6:30 PM. फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002।
जन्म का स्थान और साल बता दीजिए
Uttar Pradesh Name Change
Associate Office: Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010
Head Office: Metro Pillar 337, Hardev Nagar, Street 1, Shop No 1 (Shri Sham Documentation)
फ़ोन: 9540003316
व्हाट्सएप: 9540005002
ईमेल: info@uttarpradeshnamechange.com
समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 6:30 बजे
जन्म का स्थान और साल बता दीजिए, और प्रमाण पत्र की फोटो भेज दीजिए। इन्हीं से रास्ता तय होता है।
कॉल और नाम परिवर्तन प्रारूप पाइए
फ़ॉर्म खुल रहा है...
आम सवाल
मैं अब दूसरे शहर में रहता हूँ, यहीं आवेदन कर सकता हूँ?
नहीं। रिकॉर्ड उसी निकाय के पास है जिसने जन्म दर्ज किया था, और वह रजिस्टर वहीं रखा है।
आधार पर तो नया पता है।
उससे कुछ नहीं बदलता। रिकॉर्ड जहाँ बना, वहीं रहता है।
प्रमाण पत्र पर नाम की जगह खाली है।
यह आम बात है। जन्म पहले दर्ज होता है और नाम बाद में जोड़ा जाता है, इसलिए आपको जोड़ना माँगना है, सुधार नहीं।
दोनों में क्या फ़र्क़ है?
खाली नाम के लिए जोड़ना और गलत नाम के लिए सुधार। गलत शब्द से माँगने पर आवेदन लौट आता है।
पुराना रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं दिख रहा।
इसका मतलब यह नहीं कि रिकॉर्ड नहीं है। काग़ज़ी रजिस्टर उसी दफ़्तर में रखा है, वहाँ जाकर पूछिए।
तो नया प्रमाण पत्र बनवा लूँ?
नहीं। नया पंजीकरण पुराने को मिटाता नहीं, और तब आपके दो जन्म रिकॉर्ड हो जाते हैं, जो जाँच में पकड़ा जाता है।
कौन सा दफ़्तर मेरा है?
प्रमाण पत्र पर ही लिखा होता है। शहर में नगर निगम या पालिका, गाँव में ग्राम पंचायत, छावनी में छावनी परिषद।
गाँव में पंजीकरण हुआ था, कोई नंबर याद नहीं।
घर के मुखिया को उस समय एक पावती मिली थी। वह मिल जाए तो खोज एक मिनट की रह जाती है।
क्या गजट लगेगा?
वर्तनी सुधारने या नाम जोड़ने में आम तौर पर नहीं। नाम सचमुच बदला है तो अलग बात है।
माता या पिता का नाम भी गलत है।
वह अलग प्रविष्टि का सुधार है, पर उसी दफ़्तर में होता है। दोनों एक साथ बताना बेहतर है।
कितना समय लगता है?
कुछ हफ़्ते, और पुराने रिकॉर्ड में इससे ज़्यादा, क्योंकि रजिस्टर हाथ से खोजा जाता है।
आवेदन देते समय क्या ध्यान रखूँ?
पावती ज़रूर लीजिए, चाहे वह सिर्फ़ एक हस्ताक्षर हो। आगे पूछताछ का यही आधार बनता है।
आधिकारिक स्रोत
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी उत्तर प्रदेश की व्यवस्था, नगर निगम, पालिका और ग्राम पंचायत के स्तर पर।
- संबंधित जिला प्रशासन, पुराने रिकॉर्ड और रजिस्टर के लिए।
- प्रकाशन विभाग, सिविल लाइन, दिल्ली 110054, केंद्रीय गजट के लिए।
- ई-गजट पोर्टल egazette.gov.in, प्रकाशित अधिसूचना खोजने के लिए।
यहाँ दी गई बातें इन स्रोतों और हमारे अपने काम से जाँची गई हैं। हर निकाय की प्रक्रिया और शुल्क अलग हो सकते हैं और बदलते रहते हैं, इसलिए आवेदन से पहले वहीं पूछ लीजिए।
संक्षेप में
दो बातें इस कागज़ के बारे में सबसे ज़्यादा भ्रम पैदा करती हैं। पहली, रिकॉर्ड वहाँ है जहाँ जन्म हुआ था, वहाँ नहीं जहाँ आप आज रहते हैं। जिस रजिस्टर में आपका नाम लिखा है वह उसी दफ़्तर में रखा है, और किसी दूसरे दफ़्तर के पास वह पन्ना है ही नहीं, चाहे आधार पर कोई भी पता हो। दूसरी, नाम जोड़ना और नाम सुधारना दो अलग अनुरोध हैं। अगर नाम की जगह खाली है और आप सुधार माँगेंगे तो कहा जाएगा कि सुधारने को कुछ है ही नहीं, और उल्टा करने पर भी यही होगा। खाली नाम कोई गलती नहीं है, जन्म पहले दर्ज होता है और नाम बाद में जुड़ता है, यह व्यवस्था का सामान्य क्रम है। और एक चेतावनी: पुराना रिकॉर्ड न मिलने पर नया पंजीकरण मत कराइए। वह पुराने को मिटाता नहीं, उसके साथ जुड़ जाता है, और दो जन्म रिकॉर्ड होना उससे कहीं बड़ी मुसीबत है।
