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मौके गिने-चुने हैं।

आधार कार्ड में नाम कैसे बदलें

आधार में नाम गलत है और आप उसे ठीक कराना चाहते हैं। दो बातें पहले जान लीजिए। पहली, नाम बदलने के मौके गिने-चुने हैं, इसलिए जल्दबाज़ी में एक मौका खर्च मत कीजिए। दूसरी, पता ऑनलाइन बदल जाता है, नाम नहीं, उसके लिए केंद्र जाना ही पड़ता है। और एक तीसरी बात, जो सबसे कम बताई जाती है: आधार आपके नाम की गवाही नहीं, सिर्फ़ उसकी नकल है।

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मौके गिने-चुने हैं नाम ऑनलाइन नहीं बदलता आधार गवाही नहीं, नकल है पहले असली कागज़

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छोटा जवाब: नाम बदलवाने के लिए आधार सेवा केंद्र जाना पड़ता है, यह घर बैठे नहीं होता। साथ ले जाइए वह कागज़ जिस पर सही नाम है, आम तौर पर हाईस्कूल की अंकतालिका, और नाम सचमुच बदला है तो गजट। सबसे ज़रूरी बात: नाम बदलने के मौके गिने-चुने हैं, इसलिए एक ही बार में पूरा सही कराइए, टुकड़ों में नहीं।

यह आख़िरी बात ही सबसे महँगी पड़ती है, और लगभग कोई नहीं बताता।

आधार कार्ड में नाम कैसे बदलें
पहले असली कागज़, फिर आधार। मौके गिने-चुने हैं।

एक नज़र में

नाम कहाँ बदलता हैआधार सेवा केंद्र में, जाकर
क्या ऑनलाइन होता हैपता, नाम नहीं
कितने मौकेगिने-चुने, इसलिए सोचकर
क्या साथ ले जाएँसही नाम वाला असली कागज़
सबसे मज़बूत कागज़हाईस्कूल की अंकतालिका
गजट कब चाहिएजब नाम सचमुच बदला हो
क्या आधार गवाही हैनहीं, वह नकल है
पहले क्या करेंअसली कागज़ ठीक कराएँ

मुख्य बातें

ज़रूरी कागज़: Quick Facts

मौजूदा आधारया उसका नंबर
हाईस्कूल अंकतालिकासही नाम की गवाही
गजटअगर नाम सचमुच बदला है
विवाह प्रमाण पत्रशादी के बाद के मामलों में
पंजीकृत मोबाइलओटीपी के लिए, साथ रखिए
फोटोकॉपीहर कागज़ की
सही वर्तनी लिखकरअक्षर दर अक्षर, कागज़ पर
पर्चीकेंद्र से लेकर संभालिए

इस पन्ने में क्या है

  1. मौके गिने-चुने हैं
  2. आधार गवाही नहीं, नकल है
  3. ऑनलाइन क्या होता है
  4. केंद्र में क्या होता है
  5. सही क्रम
  6. आम गलतियाँ
  7. केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
  8. हम कहाँ सेवा देते हैं
  9. कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
  10. इससे जुड़े पन्ने
  11. हमारा दफ़्तर क्यों
  12. आम सवाल

मौके गिने-चुने हैं

आधार में नाम जितनी बार चाहे नहीं बदलता। व्यवस्था इसे गिनती में रखती है, और मौके बहुत कम हैं। इसका मतलब यह है: जल्दबाज़ी में आधा सुधार कराया -> एक मौका खर्च फिर असली बदलाव की ज़रूरत पड़ी -> शायद मौका बचा ही नहीं इसलिए केंद्र जाने से पहले यह तय कीजिए: मेरा नाम आख़िर में क्या रहेगा? आख़िर में। आज नहीं, हमेशा के लिए। अगर शादी होने वाली है, अगर सरनेम जोड़ना है, अगर वर्तनी भी सुधारनी है, तो सब एक साथ कराइए। एक बार में पूरा। यही पूरी सलाह है।

मौजूदा गिनती और नियम केंद्र पर पूछ लीजिए, क्योंकि व्यवस्था समय-समय पर बदलती है। पर सोच यही रखिए कि यह मौका दुर्लभ है।

आधार गवाही नहीं, नकल है

लोग सोचते हैंअसल में
आधार सबसे बड़ा पहचान पत्र हैवह सबसे ज़्यादा माँगा जाने वाला है
उस पर लिखा नाम सही माना जाएगावह वही है जो आपने भरवाया था
आधार दिखाकर मार्कशीट सुधरेगीनहीं, वह उस समय का सबूत नहीं है
आधार पहले सुधारना चाहिएपहले असली कागज़, फिर आधार
यह फ़र्क़ समझ लीजिए, यह बहुत काम आएगा। जन्म प्रमाण पत्र एक घटना दर्ज करता है मार्कशीट एक परीक्षा दर्ज करती है गजट एक बदलाव दर्ज करता है आधार इनमें से किसी को दर्ज नहीं करता आधार में जो नाम है, वह आपने किसी कागज़ से देखकर भरवाया था। यानी आधार उस कागज़ की नकल है। इसीलिए जब मार्कशीट सुधरवाने जाते हैं और आधार दिखाते हैं, तो बात नहीं बनती। नकल दिखाकर असली नहीं बदलवाया जा सकता। सही क्रम हमेशा यही है: पहले असली कागज़, फिर आधार

यही वजह है कि बोर्ड आज बना आधार नहीं मानता, जैसा हमारे यूपी बोर्ड वाले पन्ने पर बताया गया है।

ऑनलाइन क्या होता है

बहुत लोग घंटों ऑनलाइन कोशिश करते हैं और फिर हार मान लेते हैं। नाम का विकल्प वहाँ है ही नहीं।

केंद्र में क्या होता है

  1. अपने शहर का आधार सेवा केंद्र चुनिए

    बड़े शहरों में यूआईडीएआई के अपने केंद्र होते हैं, छोटी जगहों पर बैंक और डाकघर में काउंटर मिलते हैं।

  2. हो सके तो पहले से समय ले लीजिए

    ताकि पूरा दिन लाइन में न जाए।

  3. सही वर्तनी कागज़ पर लिखकर ले जाइए

    अक्षर दर अक्षर, जैसा अंकतालिका पर है। ज़बानी बताने में गलती होती है।

  4. असली कागज़ और उनकी नकल दोनों दीजिए

    असली देखकर लौटा दिए जाते हैं, नकल जमा होती है।

  5. बायोमेट्रिक होगा

    उँगलियों के निशान या आँख की पुतली से पहचान।

  6. पर्ची लेकर संभालिए

    उसी नंबर से स्थिति देखी जाती है। बिना पर्ची कुछ नहीं होता।

लखनऊ में केंद्र कहाँ हैं और किस तरह के हैं, यह हमारे लखनऊ आधार पन्ने पर है।

सही क्रम

यह क्रम उल्टा करने से लोग महीनों गँवाते हैं। 1 तय कीजिए: सुधार है या परिवर्तन 2 असली कागज़ ठीक कराइए मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र, जो भी गलत है 3 नाम सचमुच बदला है तो गजट कराइए 4 अब आधार, एक ही बार में, पूरा सही 5 फिर पैन, बैंक, पासपोर्ट ये सब आधार से मिलाकर देखते हैं आधार बीच में है, शुरू में नहीं। क्योंकि उससे पहले वाले कागज़ उसे सबूत देते हैं, और उसके बाद वाले उससे मिलान करते हैं। बीच की कड़ी को पहले बदल देंगे, तो दोनों तरफ़ मेल नहीं बैठेगा।

पूरा क्रम और हर कड़ी की वजह हमारे प्रक्रिया वाले पन्ने पर है।

आम गलतियाँ

अगर आधार और बाकी कागज़ों में पहले से अलग नाम हैं, तो वह अपने आप में एक आम मामला है, जिसका हल हमारे नाम मेल न खाने वाले पन्ने पर है।

केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप

ध्यान दीजिए: गजट तब चाहिए जब नाम सचमुच बदला हो। सिर्फ़ वर्तनी सुधारनी है तो अक्सर इसकी ज़रूरत नहीं पड़ती।

चरण 1: शपथ पत्र

AFFIDAVIT (on non-judicial stamp paper, notarised) I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ____________________________________________________ , District ____________________ , Uttar Pradesh, do hereby solemnly affirm and declare as under:- 1- That my name is recorded as ____________________ in my High School marksheet, Roll No. ____________________ , issued by ____________________ Board in the year ______ . 2- That my Aadhaar Number is ____________________ and the name recorded therein is ____________________ . 3- That I have changed my name from ____________________ to ____________________ and I shall hereafter be known as ____________________ for all purposes. 4- That all the said names are the name of one and the same person, that is, myself. 5- That it is my true and correct statement. DEPONENT VERIFICATION:- Verified at ____________ on this __-__-20__ that the contents of the above Affidavit are true and correct to the best of my knowledge and belief. DEPONENT

हिंदी में समझिए: यहाँ बिंदु दो जोड़ा गया है, जो बाकी पन्नों पर नहीं होता। इसमें आधार संख्या और उस पर लिखा नाम दोनों दर्ज हैं। इससे शपथ पत्र ख़ुद बता देता है कि अंकतालिका और आधार में क्या अंतर है, और काउंटर पर सवाल नहीं उठता।

चरण 2: सार्वजनिक सूचना, दो प्रतियों में

PUBLIC NOTICE (TWO identical typed copies, each signed and witnessed) It is for general information that I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ______________________________ ____________________________________ , declare that I have changed my name from ____________________ to ____________________ and I shall hereafter be known as ____________________ for all purposes. It is certified that I have complied with other legal requirements in this connection. ____________________ Signature of Applicant WITNESS NO. 1 Signature :- ____________________ Full Name :- ____________________ Address :- ____________________ WITNESS NO. 2 Signature :- ____________________ Full Name :- ____________________ Address :- ____________________

हिंदी में समझिए: यह कागज़ दो बार टाइप होगा, एक जैसा, और दोनों पर दो गवाहों के दस्तखत, पूरा नाम और पता।

चरण 3: सीडी और सीडी प्रमाणपत्र

CD-CERTIFICATE I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ____________________________________________________ , do hereby declare:- 1- That the matter in CD and hard copy is the same and I am responsible for any mismatch. 2- That I am responsible for the quality of CD. 3- That the CD is in MS-Word Format. 4- That the above statement is true and correct. Signature of Applicant ____________________ R/o ____________________

हिंदी में समझिए: सार्वजनिक सूचना का वही मजमून सीडी में एमएस वर्ड फाइल के रूप में जाता है। एक अक्षर का फ़र्क़ भी फाइल वापस करा देता है।

चरण 4: अख़बार, शुल्क, पत्र और भेजना

  1. दो अख़बारों में सूचना छपवाइए

    एक हिंदी दैनिक और एक अंग्रेज़ी अख़बार, पूरे पन्ने की छह प्रतियाँ।

  2. भारतकोश पर 1,100 रुपये जमा कीजिए

    ऑनलाइन, दो रसीदें प्रिंट कर लीजिए।

  3. पत्र लिखिए

    The Controller, Publication Department, Civil Line, Delhi 110054 के नाम।

  4. पूरी फाइल की नकल घर पर रखिए

    क्योंकि भेजी हुई फाइल वापस नहीं आती।

  5. ट्रैकिंग वाले कूरियर से भेजिए

    दिल्ली एक से तीन दिन।

  6. प्रकाशन आने पर ही केंद्र जाइए

    पहले नहीं, वरना एक मौका बेकार जा सकता है।

एक कागज़ पर लिखकर ले जाइए

केंद्र पर जो व्यक्ति टाइप करता है, वह आपका नाम पहली बार सुन रहा है। इसलिए बोलिए मत। लिखकर दीजिए। एक कागज़ पर, बड़े अक्षरों में: पूरा नाम, जैसा अंतिम रूप से चाहिए पिता या पति का नाम जन्म तिथि आधार संख्या और नीचे लिखिए: "अंकतालिका के अनुसार" फिर वही अंकतालिका साथ रख दीजिए ताकि वह मिलाकर देख सके। टाइप हो जाने के बाद स्क्रीन पर पढ़कर देखिए, पर्ची लेने से पहले। एक मिनट लगेगा। और यही एक मिनट आपका अगला मौका बचाता है।

शुल्क, समय और फाइल

आधार अपडेट शुल्कनिर्धारित मामूली शुल्क
अगर गजट भी चाहिएवयस्क 1,100, नाबालिग 1,700 रुपये
शपथ पत्रस्टाम्प और नोटरी मिलाकर 100 से 500 रुपये
अख़बारहर अख़बार के कुछ सौ रुपये
आधार में समयकुछ दिन से दो हफ़्ते तक
गजट में समयलगभग 25 से 45 दिन
हमारी सेवाबेसिक 999 रुपये से, कम्पलीट 1,999 रुपये से, अलग से

शुल्क और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए केंद्र जाने से पहले मौजूदा व्यवस्था देख लीजिए।

केंद्र जाने से पहले जाँच लीजिए

आधार के बाद क्या

पैन, फिर बैंक, फिर पासपोर्ट और बाकी। ये सब आधार से मिलाकर देखते हैं, इसलिए आधार सही होने के बाद आगे का रास्ता आसान रहता है। नया आधार आने पर उसकी नकल और पीडीएफ़ दोनों संभालकर रखिए।

जो दूसरी वेबसाइटें गलत बताती हैं

हम कहाँ सेवा देते हैं

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में। आधार केंद्र आपके अपने शहर का होगा, बाकी तैयारी हम कर देते हैं:

मध्यलखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी
पश्चिमनोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर
पूर्ववाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, देवरिया, गाज़ीपुर
बुंदेलखंडझाँसी, बाँदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन
रुहेलखंडबरेली, शाहजहाँपुर, पीलीभीत, बदायूँ, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा

केंद्र पर आपका ख़ुद जाना ज़रूरी है, क्योंकि बायोमेट्रिक होता है। पर उससे पहले का सारा कागज़ी काम, गजट समेत, हम कर देते हैं। हमारा चैंबर Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010 में है। फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002

कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे

आधार सेवा केंद्र
वह केंद्र जहाँ आधार में नाम, जन्म तिथि और बायोमेट्रिक से जुड़े बदलाव होते हैं। बड़े शहरों में यूआईडीएआई के अपने, छोटी जगहों पर बैंक और डाकघर के काउंटर।
बायोमेट्रिक
उँगलियों के निशान या आँख की पुतली से पहचान, जो केंद्र पर हर बदलाव के समय ली जाती है।
पर्ची
केंद्र से मिलने वाली रसीद, जिसके नंबर से आगे स्थिति देखी जाती है। इसे संभालना ज़रूरी है।
नाम सुधार
जब नाम वही होना था पर गलत दर्ज हो गया। इसमें अक्सर गजट की ज़रूरत नहीं पड़ती।
नाम परिवर्तन
जब आप सचमुच नया नाम रख रहे हैं। इसमें गजट लगता है।
ओटीपी
पंजीकृत मोबाइल पर आने वाला कोड, जो लगभग हर कदम पर माँगा जाता है।

आगे जो भी काम हो, उसके लिए यहाँ एक पन्ना है:

हम पहले यह क्यों पूछते हैं कि अंतिम नाम क्या है

आधार के मामले में हमारा पहला सवाल यह नहीं होता कि अभी क्या गलत है। हम पूछते हैं कि आख़िर में आपका नाम क्या रहेगा, क्योंकि मौके गिने-चुने हैं और उन्हें टुकड़ों में खर्च करना सबसे महँगा पड़ता है। अगर किसी की शादी होने वाली है या सरनेम भी जोड़ना है, तो हम कहते हैं कि रुकिए और एक साथ कराइए। और अगर कोई आधार दिखाकर मार्कशीट सुधरवाना चाहता है, तो हम साफ़ बता देते हैं कि यह उल्टा क्रम है, भले सुनने में अच्छा न लगे। विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, यही सवाल पहले पूछते हैं।

Associate office at Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010, serving all 75 districts of Uttar Pradesh, Monday to Saturday, 10 AM to 6:30 PM. फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002

अंतिम नाम बता दीजिए

Uttar Pradesh Name Change

Associate Office: Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010

Head Office: Metro Pillar 337, Hardev Nagar, Street 1, Shop No 1 (Shri Sham Documentation)

फ़ोन: 9540003316

व्हाट्सएप: 9540005002

ईमेल: info@uttarpradeshnamechange.com

समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 6:30 बजे

बता दीजिए कि आख़िर में नाम क्या रहेगा, और अंकतालिका की फोटो भेज दीजिए। बाकी हम तैयार कर देंगे।

कॉल और नाम परिवर्तन प्रारूप पाइए

फ़ॉर्म खुल रहा है...

बेकार कॉल नहींसरकारी शुल्क और हमारी फ़ीस अलग-अलग

आम सवाल

क्या आधार में नाम ऑनलाइन बदल सकते हैं?

नहीं। पता ऑनलाइन बदलता है, नाम के लिए आधार सेवा केंद्र जाना पड़ता है।

कितनी बार नाम बदल सकते हैं?

मौके गिने-चुने हैं। इसीलिए टुकड़ों में नहीं, एक ही बार में पूरा सही कराना चाहिए।

तो पहले क्या तय करूँ?

यह कि आख़िर में आपका नाम क्या रहेगा। शादी, सरनेम और वर्तनी, सब एक साथ सोचिए।

क्या आधार दिखाकर मार्कशीट सुधर जाएगी?

नहीं। आधार ख़ुद किसी और कागज़ की नकल है, इसलिए वह उस समय का सबूत नहीं माना जाता।

तो सही क्रम क्या है?

पहले असली कागज़, फिर गजट अगर ज़रूरी हो, फिर आधार, फिर पैन और बैंक।

केंद्र पर क्या ले जाना है?

सही नाम वाला असली कागज़, उसकी नकल, आधार संख्या और पंजीकृत मोबाइल।

नाम कैसे बताऊँ?

लिखकर दीजिए, बोलकर नहीं। टाइप करने वाला आपका नाम पहली बार सुन रहा होता है।

क्या गजट लगेगा?

अगर नाम सचमुच बदला है तो आम तौर पर हाँ। सिर्फ़ वर्तनी सुधारनी हो तो अक्सर नहीं।

गजट से पहले केंद्र जा सकता हूँ?

बेहतर है कि नहीं। प्रकाशन आने के बाद जाइए, वरना एक मौका बेकार जा सकता है।

कितना समय लगता है?

आधार में कुछ दिन से दो हफ़्ते तक। गजट अलग से 25 से 45 दिन लेता है।

पर्ची खो गई तो?

तब स्थिति देखना मुश्किल हो जाता है। इसलिए उसकी फोटो तुरंत खींच लीजिए।

शादी के बाद पता भी बदलना है।

पता ऑनलाइन हो जाता है, पर नाम के लिए केंद्र जाना है, तो दोनों एक ही चक्कर में करा लीजिए।

आधिकारिक स्रोत

यहाँ दी गई बातें इन स्रोतों और हमारे अपने काम से जाँची गई हैं। आधार से जुड़े नियम, शुल्क और अपडेट की गिनती समय-समय पर बदलती है, इसलिए केंद्र जाने से पहले मौजूदा व्यवस्था देख लीजिए।

संस्थापक के बारे में: विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, ने यह दफ़्तर शुरू किया। प्रकाशन विभाग में सीधे फाइल लगाने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव। यहाँ लिखी हर बात उन फाइलों से आई है जो हमने खुद बनाईं और प्रकाशन तक पहुँचाईं, किसी और वेबसाइट से नकल करके नहीं।

संक्षेप में

आधार में नाम बदलवाने से पहले तीन बातें जान लीजिए। पहली, नाम बदलने के मौके गिने-चुने हैं, इसलिए जल्दबाज़ी में आधा सुधार कराकर एक मौका खर्च मत कीजिए। पहले यह तय कीजिए कि आख़िर में आपका नाम क्या रहेगा, और शादी, सरनेम तथा वर्तनी सब एक साथ कराइए। दूसरी, पता ऑनलाइन बदल जाता है पर नाम नहीं, उसके लिए केंद्र जाना पड़ता है क्योंकि वहाँ बायोमेट्रिक लिया जाता है। और तीसरी, जो सबसे कम बताई जाती है, आधार आपके नाम की गवाही नहीं है। उस पर जो नाम है वह आपने किसी और कागज़ से देखकर भरवाया था, यानी वह उसकी नकल है। इसीलिए आधार दिखाकर मार्कशीट नहीं सुधरती, और सही क्रम हमेशा यही रहता है: पहले असली कागज़, फिर आधार, फिर बाकी सब।

एक मौका बचा है?

तो एक बार में सही कराइए। बता दीजिए बाकी कागज़ों पर नाम क्या है।

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