छोटा जवाब: नाम बदलवाने के लिए आधार सेवा केंद्र जाना पड़ता है, यह घर बैठे नहीं होता। साथ ले जाइए वह कागज़ जिस पर सही नाम है, आम तौर पर हाईस्कूल की अंकतालिका, और नाम सचमुच बदला है तो गजट। सबसे ज़रूरी बात: नाम बदलने के मौके गिने-चुने हैं, इसलिए एक ही बार में पूरा सही कराइए, टुकड़ों में नहीं।
यह आख़िरी बात ही सबसे महँगी पड़ती है, और लगभग कोई नहीं बताता।
एक नज़र में
| नाम कहाँ बदलता है | आधार सेवा केंद्र में, जाकर |
| क्या ऑनलाइन होता है | पता, नाम नहीं |
| कितने मौके | गिने-चुने, इसलिए सोचकर |
| क्या साथ ले जाएँ | सही नाम वाला असली कागज़ |
| सबसे मज़बूत कागज़ | हाईस्कूल की अंकतालिका |
| गजट कब चाहिए | जब नाम सचमुच बदला हो |
| क्या आधार गवाही है | नहीं, वह नकल है |
| पहले क्या करें | असली कागज़ ठीक कराएँ |
मुख्य बातें
- नाम बदलने के मौके सीमित हैं, इसलिए एक बार में सही कराइए।
- पता ऑनलाइन बदलता है, नाम के लिए केंद्र जाना पड़ता है।
- आधार आपके नाम की गवाही नहीं, उसकी नकल है।
- इसलिए पहले असली कागज़ ठीक कीजिए, आधार बाद में।
- अंकतालिका पर जो लिखा है, वही आधार पर लिखवाइए।
ज़रूरी कागज़: Quick Facts
| मौजूदा आधार | या उसका नंबर |
| हाईस्कूल अंकतालिका | सही नाम की गवाही |
| गजट | अगर नाम सचमुच बदला है |
| विवाह प्रमाण पत्र | शादी के बाद के मामलों में |
| पंजीकृत मोबाइल | ओटीपी के लिए, साथ रखिए |
| फोटोकॉपी | हर कागज़ की |
| सही वर्तनी लिखकर | अक्षर दर अक्षर, कागज़ पर |
| पर्ची | केंद्र से लेकर संभालिए |
इस पन्ने में क्या है
- मौके गिने-चुने हैं
- आधार गवाही नहीं, नकल है
- ऑनलाइन क्या होता है
- केंद्र में क्या होता है
- सही क्रम
- आम गलतियाँ
- केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
- हम कहाँ सेवा देते हैं
- कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
- इससे जुड़े पन्ने
- हमारा दफ़्तर क्यों
- आम सवाल
मौके गिने-चुने हैं
मौजूदा गिनती और नियम केंद्र पर पूछ लीजिए, क्योंकि व्यवस्था समय-समय पर बदलती है। पर सोच यही रखिए कि यह मौका दुर्लभ है।
आधार गवाही नहीं, नकल है
| लोग सोचते हैं | असल में |
|---|---|
| आधार सबसे बड़ा पहचान पत्र है | वह सबसे ज़्यादा माँगा जाने वाला है |
| उस पर लिखा नाम सही माना जाएगा | वह वही है जो आपने भरवाया था |
| आधार दिखाकर मार्कशीट सुधरेगी | नहीं, वह उस समय का सबूत नहीं है |
| आधार पहले सुधारना चाहिए | पहले असली कागज़, फिर आधार |
यही वजह है कि बोर्ड आज बना आधार नहीं मानता, जैसा हमारे यूपी बोर्ड वाले पन्ने पर बताया गया है।
ऑनलाइन क्या होता है
- पता बदलना ऑनलाइन हो जाता है, और यह सबसे आम काम है, ख़ासकर शादी के बाद।
- नाम बदलना ऑनलाइन नहीं होता, उसके लिए केंद्र जाना पड़ता है।
- मोबाइल नंबर जोड़ना या बदलना भी केंद्र पर होता है, इसलिए दोनों काम एक ही चक्कर में करा लीजिए।
- ऑनलाइन स्थिति देखी जा सकती है, जो केंद्र से मिली पर्ची के नंबर से होती है।
- पंजीकृत मोबाइल साथ रखिए, क्योंकि लगभग हर कदम पर ओटीपी आता है।
बहुत लोग घंटों ऑनलाइन कोशिश करते हैं और फिर हार मान लेते हैं। नाम का विकल्प वहाँ है ही नहीं।
केंद्र में क्या होता है
अपने शहर का आधार सेवा केंद्र चुनिए
बड़े शहरों में यूआईडीएआई के अपने केंद्र होते हैं, छोटी जगहों पर बैंक और डाकघर में काउंटर मिलते हैं।
हो सके तो पहले से समय ले लीजिए
ताकि पूरा दिन लाइन में न जाए।
सही वर्तनी कागज़ पर लिखकर ले जाइए
अक्षर दर अक्षर, जैसा अंकतालिका पर है। ज़बानी बताने में गलती होती है।
असली कागज़ और उनकी नकल दोनों दीजिए
असली देखकर लौटा दिए जाते हैं, नकल जमा होती है।
बायोमेट्रिक होगा
उँगलियों के निशान या आँख की पुतली से पहचान।
पर्ची लेकर संभालिए
उसी नंबर से स्थिति देखी जाती है। बिना पर्ची कुछ नहीं होता।
लखनऊ में केंद्र कहाँ हैं और किस तरह के हैं, यह हमारे लखनऊ आधार पन्ने पर है।
सही क्रम
पूरा क्रम और हर कड़ी की वजह हमारे प्रक्रिया वाले पन्ने पर है।
आम गलतियाँ
- टुकड़ों में सुधार कराना, जिससे मौके बर्बाद होते हैं और आख़िर में ज़रूरत के वक़्त कुछ बचता नहीं।
- ज़बानी नाम बताना, जिससे वर्तनी गलत टाइप हो जाती है और वही दोबारा सुधारनी पड़ती है।
- आधार को सबूत मानकर चलना, जबकि वह ख़ुद किसी और कागज़ की नकल है।
- आधार पहले बदलवाना, असली कागज़ बाद में, जिससे बीच की कड़ी दोनों तरफ़ से नहीं मिलती।
- पर्ची फेंक देना, जिसके बाद स्थिति देखने का कोई रास्ता नहीं रहता।
अगर आधार और बाकी कागज़ों में पहले से अलग नाम हैं, तो वह अपने आप में एक आम मामला है, जिसका हल हमारे नाम मेल न खाने वाले पन्ने पर है।
केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
ध्यान दीजिए: गजट तब चाहिए जब नाम सचमुच बदला हो। सिर्फ़ वर्तनी सुधारनी है तो अक्सर इसकी ज़रूरत नहीं पड़ती।
चरण 1: शपथ पत्र
हिंदी में समझिए: यहाँ बिंदु दो जोड़ा गया है, जो बाकी पन्नों पर नहीं होता। इसमें आधार संख्या और उस पर लिखा नाम दोनों दर्ज हैं। इससे शपथ पत्र ख़ुद बता देता है कि अंकतालिका और आधार में क्या अंतर है, और काउंटर पर सवाल नहीं उठता।
चरण 2: सार्वजनिक सूचना, दो प्रतियों में
हिंदी में समझिए: यह कागज़ दो बार टाइप होगा, एक जैसा, और दोनों पर दो गवाहों के दस्तखत, पूरा नाम और पता।
चरण 3: सीडी और सीडी प्रमाणपत्र
हिंदी में समझिए: सार्वजनिक सूचना का वही मजमून सीडी में एमएस वर्ड फाइल के रूप में जाता है। एक अक्षर का फ़र्क़ भी फाइल वापस करा देता है।
चरण 4: अख़बार, शुल्क, पत्र और भेजना
दो अख़बारों में सूचना छपवाइए
एक हिंदी दैनिक और एक अंग्रेज़ी अख़बार, पूरे पन्ने की छह प्रतियाँ।
भारतकोश पर 1,100 रुपये जमा कीजिए
ऑनलाइन, दो रसीदें प्रिंट कर लीजिए।
पत्र लिखिए
The Controller, Publication Department, Civil Line, Delhi 110054 के नाम।
पूरी फाइल की नकल घर पर रखिए
क्योंकि भेजी हुई फाइल वापस नहीं आती।
ट्रैकिंग वाले कूरियर से भेजिए
दिल्ली एक से तीन दिन।
प्रकाशन आने पर ही केंद्र जाइए
पहले नहीं, वरना एक मौका बेकार जा सकता है।
एक कागज़ पर लिखकर ले जाइए
शुल्क, समय और फाइल
| आधार अपडेट शुल्क | निर्धारित मामूली शुल्क |
| अगर गजट भी चाहिए | वयस्क 1,100, नाबालिग 1,700 रुपये |
| शपथ पत्र | स्टाम्प और नोटरी मिलाकर 100 से 500 रुपये |
| अख़बार | हर अख़बार के कुछ सौ रुपये |
| आधार में समय | कुछ दिन से दो हफ़्ते तक |
| गजट में समय | लगभग 25 से 45 दिन |
| हमारी सेवा | बेसिक 999 रुपये से, कम्पलीट 1,999 रुपये से, अलग से |
शुल्क और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए केंद्र जाने से पहले मौजूदा व्यवस्था देख लीजिए।
केंद्र जाने से पहले जाँच लीजिए
- अंतिम नाम तय हुआ, या अभी और बदलाव आने हैं?
- सही वर्तनी कागज़ पर लिखी है, ज़बानी नहीं?
- सही नाम वाला असली कागज़ साथ है?
- पंजीकृत मोबाइल साथ है, ओटीपी के लिए?
आधार के बाद क्या
पैन, फिर बैंक, फिर पासपोर्ट और बाकी। ये सब आधार से मिलाकर देखते हैं, इसलिए आधार सही होने के बाद आगे का रास्ता आसान रहता है। नया आधार आने पर उसकी नकल और पीडीएफ़ दोनों संभालकर रखिए।
जो दूसरी वेबसाइटें गलत बताती हैं
- गलत: नाम ऑनलाइन बदल जाता है। सही: पता ऑनलाइन बदलता है, नाम के लिए केंद्र जाना पड़ता है।
- गलत: जितनी बार चाहे बदल सकते हैं। सही: मौके गिने-चुने हैं, इसलिए एक बार में पूरा कराइए।
- गलत: आधार दिखाकर मार्कशीट सुधरवा लीजिए। सही: आधार ख़ुद किसी और कागज़ की नकल है।
- गलत: पहले आधार ठीक कराइए। सही: पहले असली कागज़, फिर आधार।
- गलत: नाम ज़बानी बता दीजिए। सही: लिखकर दीजिए, वरना वर्तनी की गलती दोहराई जाती है।
हम कहाँ सेवा देते हैं
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में। आधार केंद्र आपके अपने शहर का होगा, बाकी तैयारी हम कर देते हैं:
| मध्य | लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी |
| पश्चिम | नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर |
| पूर्व | वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, देवरिया, गाज़ीपुर |
| बुंदेलखंड | झाँसी, बाँदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन |
| रुहेलखंड | बरेली, शाहजहाँपुर, पीलीभीत, बदायूँ, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा |
केंद्र पर आपका ख़ुद जाना ज़रूरी है, क्योंकि बायोमेट्रिक होता है। पर उससे पहले का सारा कागज़ी काम, गजट समेत, हम कर देते हैं। हमारा चैंबर Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010 में है। फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002।
कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
- आधार सेवा केंद्र
- वह केंद्र जहाँ आधार में नाम, जन्म तिथि और बायोमेट्रिक से जुड़े बदलाव होते हैं। बड़े शहरों में यूआईडीएआई के अपने, छोटी जगहों पर बैंक और डाकघर के काउंटर।
- बायोमेट्रिक
- उँगलियों के निशान या आँख की पुतली से पहचान, जो केंद्र पर हर बदलाव के समय ली जाती है।
- पर्ची
- केंद्र से मिलने वाली रसीद, जिसके नंबर से आगे स्थिति देखी जाती है। इसे संभालना ज़रूरी है।
- नाम सुधार
- जब नाम वही होना था पर गलत दर्ज हो गया। इसमें अक्सर गजट की ज़रूरत नहीं पड़ती।
- नाम परिवर्तन
- जब आप सचमुच नया नाम रख रहे हैं। इसमें गजट लगता है।
- ओटीपी
- पंजीकृत मोबाइल पर आने वाला कोड, जो लगभग हर कदम पर माँगा जाता है।
इससे जुड़े पन्ने
आगे जो भी काम हो, उसके लिए यहाँ एक पन्ना है:
- नाम परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया: हिंदी में, हर प्रारूप के साथ।
- गजट में नाम परिवर्तन: दो गजट हैं, और पास वाला हर जगह नहीं चलता।
- यूपी बोर्ड मार्कशीट सुधार: रास्ता स्कूल से जाता है।
- the same guide in English: यही जानकारी अंग्रेज़ी में।
- आधार और बाकी कागज़ों में अलग नाम: सबसे आम टकराव।
- वर्तनी सुधार: छोटा और बड़ा बदलाव, फ़र्क़ के साथ।
- कितनी बार बदल सकते हैं: गिनती और उसके बाद का रास्ता।
- लखनऊ के केंद्र: कौन सा केंद्र किस तरह का है।
- पैन और आधार का मेल: अगला कदम।
- चालीस सवालों के जवाब: असर के हिसाब से क्रम में।
- दफ़्तर से संपर्क: फ़ोन और व्हाट्सएप।
- जन्म प्रमाण पत्र में नाम सुधार: वह असली कागज़ जिसे आधार से पहले ठीक कराना है।
हम पहले यह क्यों पूछते हैं कि अंतिम नाम क्या है
आधार के मामले में हमारा पहला सवाल यह नहीं होता कि अभी क्या गलत है। हम पूछते हैं कि आख़िर में आपका नाम क्या रहेगा, क्योंकि मौके गिने-चुने हैं और उन्हें टुकड़ों में खर्च करना सबसे महँगा पड़ता है। अगर किसी की शादी होने वाली है या सरनेम भी जोड़ना है, तो हम कहते हैं कि रुकिए और एक साथ कराइए। और अगर कोई आधार दिखाकर मार्कशीट सुधरवाना चाहता है, तो हम साफ़ बता देते हैं कि यह उल्टा क्रम है, भले सुनने में अच्छा न लगे। विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, यही सवाल पहले पूछते हैं।
- पहले अंतिम नाम पूछते हैं: ताकि एक ही बार में काम हो।
- क्रम उल्टा नहीं होने देते: पहले असली कागज़, फिर आधार।
- वर्तनी लिखकर देते हैं: ज़बानी नहीं, ताकि गलती न दोहराई जाए।
- पूरे प्रदेश से कागज़ फोटो और कूरियर से लेते हैं: सिर्फ़ केंद्र पर आपको जाना होता है।
Associate office at Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010, serving all 75 districts of Uttar Pradesh, Monday to Saturday, 10 AM to 6:30 PM. फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002।
अंतिम नाम बता दीजिए
Uttar Pradesh Name Change
Associate Office: Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010
Head Office: Metro Pillar 337, Hardev Nagar, Street 1, Shop No 1 (Shri Sham Documentation)
फ़ोन: 9540003316
व्हाट्सएप: 9540005002
ईमेल: info@uttarpradeshnamechange.com
समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 6:30 बजे
बता दीजिए कि आख़िर में नाम क्या रहेगा, और अंकतालिका की फोटो भेज दीजिए। बाकी हम तैयार कर देंगे।
कॉल और नाम परिवर्तन प्रारूप पाइए
फ़ॉर्म खुल रहा है...
आम सवाल
क्या आधार में नाम ऑनलाइन बदल सकते हैं?
नहीं। पता ऑनलाइन बदलता है, नाम के लिए आधार सेवा केंद्र जाना पड़ता है।
कितनी बार नाम बदल सकते हैं?
मौके गिने-चुने हैं। इसीलिए टुकड़ों में नहीं, एक ही बार में पूरा सही कराना चाहिए।
तो पहले क्या तय करूँ?
यह कि आख़िर में आपका नाम क्या रहेगा। शादी, सरनेम और वर्तनी, सब एक साथ सोचिए।
क्या आधार दिखाकर मार्कशीट सुधर जाएगी?
नहीं। आधार ख़ुद किसी और कागज़ की नकल है, इसलिए वह उस समय का सबूत नहीं माना जाता।
तो सही क्रम क्या है?
पहले असली कागज़, फिर गजट अगर ज़रूरी हो, फिर आधार, फिर पैन और बैंक।
केंद्र पर क्या ले जाना है?
सही नाम वाला असली कागज़, उसकी नकल, आधार संख्या और पंजीकृत मोबाइल।
नाम कैसे बताऊँ?
लिखकर दीजिए, बोलकर नहीं। टाइप करने वाला आपका नाम पहली बार सुन रहा होता है।
क्या गजट लगेगा?
अगर नाम सचमुच बदला है तो आम तौर पर हाँ। सिर्फ़ वर्तनी सुधारनी हो तो अक्सर नहीं।
गजट से पहले केंद्र जा सकता हूँ?
बेहतर है कि नहीं। प्रकाशन आने के बाद जाइए, वरना एक मौका बेकार जा सकता है।
कितना समय लगता है?
आधार में कुछ दिन से दो हफ़्ते तक। गजट अलग से 25 से 45 दिन लेता है।
पर्ची खो गई तो?
तब स्थिति देखना मुश्किल हो जाता है। इसलिए उसकी फोटो तुरंत खींच लीजिए।
शादी के बाद पता भी बदलना है।
पता ऑनलाइन हो जाता है, पर नाम के लिए केंद्र जाना है, तो दोनों एक ही चक्कर में करा लीजिए।
आधिकारिक स्रोत
- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई), आधार में बदलाव से जुड़ी व्यवस्था के लिए।
- आधार सेवा केंद्र, जहाँ नाम और बायोमेट्रिक से जुड़े बदलाव होते हैं।
- प्रकाशन विभाग, सिविल लाइन, दिल्ली 110054, केंद्रीय गजट के लिए।
- ई-गजट पोर्टल egazette.gov.in, प्रकाशित अधिसूचना खोजने के लिए।
यहाँ दी गई बातें इन स्रोतों और हमारे अपने काम से जाँची गई हैं। आधार से जुड़े नियम, शुल्क और अपडेट की गिनती समय-समय पर बदलती है, इसलिए केंद्र जाने से पहले मौजूदा व्यवस्था देख लीजिए।
संक्षेप में
आधार में नाम बदलवाने से पहले तीन बातें जान लीजिए। पहली, नाम बदलने के मौके गिने-चुने हैं, इसलिए जल्दबाज़ी में आधा सुधार कराकर एक मौका खर्च मत कीजिए। पहले यह तय कीजिए कि आख़िर में आपका नाम क्या रहेगा, और शादी, सरनेम तथा वर्तनी सब एक साथ कराइए। दूसरी, पता ऑनलाइन बदल जाता है पर नाम नहीं, उसके लिए केंद्र जाना पड़ता है क्योंकि वहाँ बायोमेट्रिक लिया जाता है। और तीसरी, जो सबसे कम बताई जाती है, आधार आपके नाम की गवाही नहीं है। उस पर जो नाम है वह आपने किसी और कागज़ से देखकर भरवाया था, यानी वह उसकी नकल है। इसीलिए आधार दिखाकर मार्कशीट नहीं सुधरती, और सही क्रम हमेशा यही रहता है: पहले असली कागज़, फिर आधार, फिर बाकी सब।
