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दो गजट हैं। एक जैसे नहीं।

गजट में नाम परिवर्तन, उत्तर प्रदेश में

गजट कराने से पहले एक बात तय कर लीजिए, वरना पैसा दोबारा लगेगा। भारत में दो गजट हैं। एक उत्तर प्रदेश का राज्य गजट, जो पास लगता है और सस्ता भी है। दूसरा केंद्रीय गजट, जिसकी फाइल दिल्ली जाती है। दिक्कत यह है कि पासपोर्ट, बैंक, बोर्ड और ज़्यादातर दफ़्तर केंद्रीय वाला माँगते हैं। पास वाला चुनने से अक्सर दोनों कराने पड़ते हैं।

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दो गजट, एक जैसे नहीं काम से चुनिए, दूरी से नहीं केंद्रीय हर जगह चलता है 1,100 रुपये, 25 से 45 दिन

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No spam callsFee quoted upfrontAll 75 UP districts

छोटा जवाब: ज़्यादातर लोगों के लिए केंद्रीय गजट ही सही है, क्योंकि पासपोर्ट, बैंक, बोर्ड, बीमा और नौकरी की जाँच में वही माना जाता है। इसकी फाइल प्रकाशन विभाग, सिविल लाइन, दिल्ली जाती है, शुल्क 1,100 रुपये है और लगभग 25 से 45 दिन लगते हैं। राज्य का गजट पास ज़रूर है, पर वह हर जगह नहीं चलता। पहले यह देखिए कि गजट किस काम के लिए चाहिए, फिर तय कीजिए।

यह एक फ़ैसला है, दूरी का सवाल नहीं। और यही वह जगह है जहाँ सबसे ज़्यादा पैसा दो बार लगता है।

गजट में नाम परिवर्तन, उत्तर प्रदेश
काम देखकर चुनिए, नज़दीकी देखकर नहीं।

एक नज़र में

कितने गजट हैंदो, और एक जैसे नहीं
केंद्रीय गजटदिल्ली, डाक से, हर जगह मान्य
राज्य गजटलखनऊ, पर सीमित जगह चलता है
पासपोर्ट, बैंक, बोर्डकेंद्रीय वाला माँगते हैं
शुल्कवयस्क 1,100, नाबालिग 1,700 रुपये
समयलगभग 25 से 45 दिन
कहाँ जाना हैकहीं नहीं, यह डाक का काम है
प्रकाशन कहाँ दिखेगाegazette.gov.in पर, भाग 4 में

मुख्य बातें

ज़रूरी कागज़: Quick Facts

हाईस्कूल अंकतालिकानाम की गवाही
शपथ पत्रनोटरी किया हुआ
सार्वजनिक सूचनादो प्रतियाँ, दो-दो गवाह
सीडीएमएस वर्ड में
दो अख़बारपूरे पन्ने, छह प्रतियाँ
भारतकोश रसीद1,100 रुपये की
पहचान और पते का प्रमाणआधार आमतौर पर
फोटोहाल की

इस पन्ने में क्या है

  1. दो गजट, एक जैसे नहीं
  2. आपके काम में कौन सा चलेगा
  3. पास वाला चुनने का जाल
  4. काउंटर कहाँ है
  5. समय क्यों नहीं घटता
  6. प्रकाशन कैसे खोजें
  7. केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
  8. हम कहाँ सेवा देते हैं
  9. कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
  10. इससे जुड़े पन्ने
  11. हमारा दफ़्तर क्यों
  12. आम सवाल

दो गजट, एक जैसे नहीं

बहुत कम लोगों को यह बताया जाता है: केंद्रीय गजट भारत सरकार का प्रकाशन विभाग, सिविल लाइन, दिल्ली फाइल डाक से जाती है देश भर में माना जाता है उत्तर प्रदेश राज्य गजट राज्य सरकार का राजकीय मुद्रणालय, लखनऊ पास है और अक्सर सस्ता पर हर दफ़्तर इसे नहीं मानता दोनों असली हैं। दोनों सरकारी हैं। फ़र्क़ यह नहीं है कि कौन सा सही है। फ़र्क़ यह है कि आपके काम में कौन सा चलेगा।

यही सवाल पहले पूछा जाना चाहिए, और यही सबसे कम पूछा जाता है।

आपके काम में कौन सा चलेगा

यह किस काम के लिए हैआम तौर पर क्या चलता है
पासपोर्टकेंद्रीय
बैंक और बीमाकेंद्रीय
बोर्ड और विश्वविद्यालयकेंद्रीय
निजी नौकरी की जाँचकेंद्रीय
राज्य सरकार की कुछ सेवाएँराज्य वाला भी चल सकता है
सीधा नियम, याद रखने लायक: अगर आपका काम राज्य के बाहर भी कहीं जा सकता है, तो केंद्रीय गजट कराइए और लगभग हर काम कभी न कभी राज्य के बाहर जाता है पासपोर्ट देश का है बैंक का सर्वर मुंबई में है नौकरी की जाँच कोई और कंपनी करती है बच्चे का दाखिला किसी और राज्य में हो सकता है इसलिए ज़्यादातर लोगों के लिए जवाब एक ही है: केंद्रीय। अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं, तो अपने विभाग से पूछकर तय कीजिए, क्योंकि सेवा पुस्तिका के नियम अलग होते हैं।

सरकारी नौकरी वाला हिस्सा हमारे सरकारी कर्मचारी पन्ने पर है।

पास वाला चुनने का जाल

जो लोग हमारे पास दूसरी बार आते हैं, उनकी कहानी अक्सर यही होती है: किसी ने कहा लखनऊ से करा लो, पास है करा लिया छह महीने बाद पासपोर्ट का काम आया वहाँ केंद्रीय माँगा गया अब दोबारा, पूरा का पूरा गलती उनकी नहीं थी। किसी ने पूछा ही नहीं कि यह किसलिए चाहिए। एक सवाल, और पूरा दूसरा खर्च बच जाता।

काउंटर कहाँ है

  1. केंद्रीय गजट का कोई दफ़्तर उत्तर प्रदेश में नहीं है

    न लखनऊ में, न किसी और जिले में। यह सुनकर ज़्यादातर लोग हैरान होते हैं।

  2. पूरी फाइल दिल्ली जाती है

    प्रकाशन विभाग, सिविल लाइन, दिल्ली 110054 के पते पर।

  3. यानी यह डाक का काम है

    लाइन में लगने का नहीं, और न ही किसी से मिलने का।

  4. दूरी से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता

    बलिया से भेजी फाइल और गाजियाबाद से भेजी फाइल एक जैसी पढ़ी जाती हैं।

  5. ट्रैकिंग वाला कूरियर इस्तेमाल कीजिए

    ताकि पता रहे कि लिफ़ाफ़ा पहुँचा या नहीं।

  6. और पूरी नकल घर पर रखिए

    क्योंकि भेजी हुई फाइल वापस नहीं आती।

समय क्यों नहीं घटता

अगर कोई कहे कि हफ़्ते भर में गजट करा देंगे, तो वह या तो कुछ और कर रहा है या अंदाज़ा लगा रहा है। प्रकाशन का समय दिल्ली का विभाग तय करता है, जो फाइलें क्रम से देखता है। लखनऊ में, दिल्ली में या कहीं और, कोई इसे आगे नहीं खिसका सकता। जो सचमुच बचाया जा सकता है: [ ] पहले यह देखना कि गजट चाहिए भी या नहीं [ ] शपथ पत्र और सूचना एक ही दिन टाइप कराना [ ] दोनों अख़बार एक साथ देना [ ] आधार पहले से सही रखना [ ] फाइल पूरी भेजना, ताकि वापस न आए यह मिलाकर शायद दो हफ़्ते बचते हैं। इससे ज़्यादा जो बताए, वह भरोसा बेच रहा है, सेवा नहीं।

फाइल किन वजहों से वापस आती है, यह हमारे अस्वीकृति वाले पन्ने पर है।

प्रकाशन कैसे खोजें

खोजने का तरीका हमारे स्थिति देखने वाले पन्ने पर और डाउनलोड का हमारे डाउनलोड पन्ने पर है।

केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप

हमारी मुख्य सेवा: प्रारूप अंग्रेज़ी में बनते हैं, क्योंकि विभाग को इसी भाषा में जाते हैं। हर एक के नीचे हिंदी में समझाया गया है।

चरण 1: शपथ पत्र

AFFIDAVIT (on non-judicial stamp paper, notarised) I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ____________________________________________________ , District ____________________ , Uttar Pradesh, do hereby solemnly affirm and declare as under:- 1- That my name is recorded as ____________________ in my High School marksheet, Roll No. ____________________ , issued by ____________________ Board in the year ______ . 2- That I have changed my name from ____________________ to ____________________ and I shall hereafter be known as ____________________ for all purposes. 3- That both the said names are the name of one and the same person, that is, myself. 4- That it is my true and correct statement. DEPONENT VERIFICATION:- Verified at ____________ on this __-__-20__ that the contents of the above Affidavit are true and correct to the best of my knowledge and belief. DEPONENT

हिंदी में समझिए: पहली पंक्ति में अपना नाम, पिता का नाम, पूरा पता और जिला। बिंदु एक में वह नाम जो अंकतालिका पर छपा है, उसका अनुक्रमांक और बोर्ड। बिंदु दो में पुराना और नया नाम। अनुक्रमांक ज़रूर लिखिए, क्योंकि आगे हर काउंटर उसी से मिलाकर देखता है।

चरण 2: सार्वजनिक सूचना, दो प्रतियों में

PUBLIC NOTICE (TWO identical typed copies, each signed and witnessed) It is for general information that I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ______________________________ ____________________________________ , declare that I have changed my name from ____________________ to ____________________ and I shall hereafter be known as ____________________ for all purposes. It is certified that I have complied with other legal requirements in this connection. ____________________ Signature of Applicant WITNESS NO. 1 Signature :- ____________________ Full Name :- ____________________ Address :- ____________________ WITNESS NO. 2 Signature :- ____________________ Full Name :- ____________________ Address :- ____________________

हिंदी में समझिए: यही कागज़ दो बार टाइप होगा, बिल्कुल एक जैसा। दोनों पर आपके दस्तखत और दो गवाहों के दस्तखत, पूरा नाम और पता। घर के लोग गवाह बन सकते हैं। दूसरी प्रति पर गवाह के दस्तखत छूट जाना फाइल वापस आने का सबसे आम कारण है।

चरण 3: सीडी और सीडी प्रमाणपत्र

CD-CERTIFICATE I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ____________________________________________________ , do hereby declare:- 1- That the matter in CD and hard copy is the same and I am responsible for any mismatch. 2- That I am responsible for the quality of CD. 3- That the CD is in MS-Word Format. 4- That the above statement is true and correct. Signature of Applicant ____________________ R/o ____________________

हिंदी में समझिए: सार्वजनिक सूचना का वही मजमून एक सीडी में एमएस वर्ड फाइल के रूप में जाता है। कागज़ पर आख़िरी वक़्त कोई सुधार किया और सीडी में नहीं किया, तो फाइल वापस आ जाती है।

चरण 4: अख़बार, शुल्क, पत्र और भेजना

  1. दो अख़बारों में सूचना छपवाइए

    अपने जिले का एक हिंदी दैनिक और एक अंग्रेज़ी अख़बार, हर एक के पूरे पन्ने की छह प्रतियाँ।

  2. भारतकोश पर 1,100 रुपये जमा कीजिए

    सही मद और कार्यालय चुनकर, और दो रसीदें प्रिंट कर लीजिए।

  3. पत्र लिखिए

    The Controller, Publication Department, Civil Line, Delhi 110054 के नाम, अपना मोबाइल और ईमेल देकर।

  4. पूरी फाइल की नकल घर पर रखिए

    क्योंकि भेजी हुई फाइल वापस नहीं आती।

  5. ट्रैकिंग वाले कूरियर से भेजिए

    प्रदेश के ज़्यादातर जिलों से दिल्ली एक से तीन दिन।

  6. फिर egazette.gov.in पर खोजते रहिए

    भाग 4 में, अपने नाम से। यही सबसे तेज़ तरीका है।

एक सवाल, पहले

गजट कराने से पहले सिर्फ़ यह पूछिए: यह गजट किस काम के लिए चाहिए? पासपोर्ट? -> केंद्रीय बैंक या बीमा? -> केंद्रीय मार्कशीट सुधार? -> केंद्रीय नौकरी की जाँच? -> केंद्रीय राज्य की कोई सेवा? -> पूछकर तय कीजिए और उससे भी पहले एक और सवाल: क्या मेरा नाम कागज़ पर कभी सही था? अगर हाँ, तो यह सुधार है और गजट की ज़रूरत शायद है ही नहीं दो सवाल। दोनों मुफ़्त। और मिलाकर ये हज़ारों रुपये बचा सकते हैं।

सुधार और परिवर्तन का पूरा फ़र्क़ हमारे सुधार बनाम परिवर्तन पन्ने पर है।

शुल्क, समय और फाइल

वयस्क गजट शुल्क1,100 रुपये
नाबालिग गजट शुल्क1,700 रुपये
अख़बारहर अख़बार के कुछ सौ रुपये
शपथ पत्रस्टाम्प और नोटरी मिलाकर 100 से 500 रुपये
कूरियरदो सौ रुपये के आसपास
समयलगभग 25 से 45 दिन, घटता नहीं
हमारी सेवाबेसिक 999 रुपये से, कम्पलीट 1,999 रुपये से, अलग से

लिफ़ाफ़े में यह सब जाता है: मोबाइल और ईमेल सहित पत्र, नोटरी किया शपथ पत्र, दो प्रतियों में टाइप की सार्वजनिक सूचना जिन पर दो-दो गवाह हों, एमएस वर्ड की सीडी और उसका प्रमाणपत्र, दोनों अख़बारों के पूरे पन्ने, पहचान पत्र, पते का प्रमाण, फोटो और भारतकोश की रसीद।

भेजने से पहले जाँच लीजिए

गजट के बाद कौन सा कागज़

पहले आधार, फिर पैन, फिर बैंक, फिर जो आपकी अपनी ज़रूरत हो। गजट की पीडीएफ़, दोनों अख़बार के पन्ने और शपथ पत्र, तीनों एक साथ हमेशा संभालकर रखिए। यही तिकड़ी आगे सालों तक हर सवाल का जवाब है।

जो दूसरी वेबसाइटें गलत बताती हैं

हम कहाँ सेवा देते हैं

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में। गजट का काम हर जिले से एक जैसा है, इसलिए दूरी कोई बाधा नहीं:

मध्यलखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी
पश्चिमनोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर
पूर्ववाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, देवरिया, गाज़ीपुर
बुंदेलखंडझाँसी, बाँदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन
रुहेलखंडबरेली, शाहजहाँपुर, पीलीभीत, बदायूँ, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा

आपका जिला सिर्फ़ इतना तय करता है कि सूचना किन अख़बारों में छपेगी। बाकी सब हर जगह एक जैसा है। हमारा चैंबर Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010 में है। फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002, किसी भी जिले से।

कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे

केंद्रीय गजट
भारत सरकार का सरकारी पत्र, जिसकी फाइल दिल्ली जाती है और जो देश भर में माना जाता है।
राज्य गजट
राज्य सरकार का गजट, जो पास तो है पर हर दफ़्तर में नहीं चलता।
भाग 4
केंद्रीय गजट का वह हिस्सा जिसमें निजी सूचनाएँ छपती हैं, जैसे नाम परिवर्तन।
प्रकाशन विभाग
दिल्ली का वह दफ़्तर जहाँ केंद्रीय गजट की सारी फाइलें जाती हैं, सिविल लाइन, दिल्ली 110054।
भारतकोश
सरकारी शुल्क ऑनलाइन जमा करने का पोर्टल, जहाँ गजट का 1,100 रुपये शुल्क भरा जाता है।
सार्वजनिक सूचना
गजट फाइल में जाने वाला टाइप किया कागज़, दो एक जैसी प्रतियों में, हर एक पर दो गवाह।

आगे जो भी काम हो, उसके लिए यहाँ एक पन्ना है:

हम पहले यह क्यों पूछते हैं कि किसलिए चाहिए

फ़ोन उठाते ही हमारा पहला सवाल यह नहीं होता कि नया नाम क्या है। हम पूछते हैं कि गजट किस काम के लिए चाहिए, क्योंकि उसी से तय होता है कि केंद्रीय कराना है या नहीं, और कई बार यह भी निकल आता है कि गजट की ज़रूरत ही नहीं है। यह सवाल हमारा काम कम कर देता है, फिर भी हम पूछते हैं, क्योंकि दोबारा गजट कराने आया हुआ आदमी बताता है कि पहली बार किसी ने यह नहीं पूछा था। विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, पाँच साल से यही सवाल पहले पूछते आ रहे हैं।

Associate office at Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010, serving all 75 districts of Uttar Pradesh, Monday to Saturday, 10 AM to 6:30 PM. फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002

बता दीजिए किस काम के लिए चाहिए

Uttar Pradesh Name Change

Associate Office: Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010

Head Office: Metro Pillar 337, Hardev Nagar, Street 1, Shop No 1 (Shri Sham Documentation)

फ़ोन: 9540003316

व्हाट्सएप: 9540005002

ईमेल: info@uttarpradeshnamechange.com

समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 6:30 बजे

सिर्फ़ इतना बता दीजिए कि गजट किस काम के लिए चाहिए, और अंकतालिका की फोटो भेज दीजिए। बाकी हम बता देंगे।

कॉल और नाम परिवर्तन प्रारूप पाइए

फ़ॉर्म खुल रहा है...

बेकार कॉल नहींसरकारी शुल्क और हमारी फ़ीस अलग-अलग

आम सवाल

केंद्रीय और राज्य गजट में क्या फ़र्क़ है?

केंद्रीय भारत सरकार का है और देश भर में माना जाता है। राज्य वाला पास ज़रूर है, पर हर दफ़्तर उसे नहीं मानता।

मुझे कौन सा कराना चाहिए?

यह देखिए कि गजट किस काम के लिए चाहिए। पासपोर्ट, बैंक, बोर्ड और नौकरी की जाँच में आम तौर पर केंद्रीय ही चलता है।

राज्य वाला सस्ता है, वही करा लूँ?

तब अक्सर आगे चलकर केंद्रीय भी कराना पड़ता है, यानी दोनों का खर्च। पहले यह पूछ लीजिए कि किसलिए चाहिए।

गजट का दफ़्तर उत्तर प्रदेश में कहाँ है?

केंद्रीय गजट का कोई दफ़्तर प्रदेश में नहीं है। पूरी फाइल डाक से दिल्ली जाती है।

तो क्या मुझे दिल्ली जाना पड़ेगा?

नहीं। यह डाक का काम है, किसी से मिलने का नहीं।

दूर के जिले से भेजने पर देर होगी?

नहीं। फाइलें क्रम से देखी जाती हैं और कूरियर को दूरी से फ़र्क़ नहीं पड़ता।

कितना समय लगता है?

लगभग 25 से 45 दिन। कोई इसे कम नहीं कर सकता।

कोई हफ़्ते भर में कराने को कह रहा है।

तो वह या तो कुछ और कर रहा है या अंदाज़ा लगा रहा है। समय दिल्ली का विभाग तय करता है।

शुल्क कितना है?

वयस्क के लिए 1,100 और नाबालिग के लिए 1,700 रुपये, भारतकोश पर ऑनलाइन।

प्रकाशन कहाँ दिखेगा?

egazette.gov.in पर, आमतौर पर भाग 4 में। पीडीएफ़ डाउनलोड करके प्रिंट भी रख लीजिए।

फाइल सबसे ज़्यादा किस वजह से वापस आती है?

दूसरी प्रति पर गवाह के दस्तखत छूट जाना, और सीडी का मजमून कागज़ से न मिलना।

क्या मेरे मामले में गजट लगेगा भी?

अगर नाम कागज़ पर कभी सही था और सिर्फ़ गलत टाइप हुआ है, तो अक्सर नहीं लगता।

आधिकारिक स्रोत

यहाँ दी गई बातें इन स्रोतों और हमारे अपने काम से जाँची गई हैं। शुल्क और व्यवस्थाएँ बदलती रहती हैं, इसलिए फाइल भेजने से पहले मौजूदा नियम देख लीजिए।

संस्थापक के बारे में: विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, ने यह दफ़्तर शुरू किया। प्रकाशन विभाग में सीधे फाइल लगाने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव। यहाँ लिखी हर बात उन फाइलों से आई है जो हमने खुद बनाईं और प्रकाशन तक पहुँचाईं, किसी और वेबसाइट से नकल करके नहीं।

संक्षेप में

भारत में दो गजट हैं और बहुत कम लोगों को यह बताया जाता है। एक केंद्रीय गजट, जिसकी फाइल दिल्ली के प्रकाशन विभाग जाती है और जो देश भर में माना जाता है। दूसरा राज्य का गजट, जो लखनऊ में है, पास लगता है और अक्सर सस्ता भी होता है। दोनों असली हैं, दोनों सरकारी हैं, पर सवाल यह नहीं है कि कौन सा सही है। सवाल यह है कि आपके काम में कौन सा चलेगा, और पासपोर्ट, बैंक, बोर्ड तथा नौकरी की जाँच में आम तौर पर केंद्रीय ही चलता है। जो लोग पास वाला चुन लेते हैं, उनमें से कई छह महीने बाद दोबारा आते हैं, क्योंकि तब तक कोई ऐसा काम आ जाता है जिसमें वह नहीं चलता, और फिर दोनों का खर्च लगता है। इसलिए सबसे पहले यही पूछिए कि गजट किस काम के लिए चाहिए। और उससे भी पहले यह कि नाम कागज़ पर कभी सही था या नहीं, क्योंकि अगर था तो यह सुधार है और गजट की ज़रूरत शायद है ही नहीं।

कौन सा गजट चाहिए?

बता दीजिए कि यह किस काम के लिए चाहिए। उसी से तय होता है, दूरी से नहीं।

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