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नोटरी मजमून नहीं पढ़ता।

नाम परिवर्तन शपथ पत्र कैसे बनवाएँ

शपथ पत्र बनवाना आसान है, कोई भी टाइपिंग की दुकान बना देती है। पर एक बात जान लीजिए, क्योंकि इसी से इसकी पूरी ताक़त और पूरा जोखिम समझ आता है। नोटरी आपका मजमून नहीं पढ़ता। वह यह तस्दीक करता है कि दस्तखत आपने किए और शपथ आपने ली। यानी जो लिखा है, उसकी ज़िम्मेदारी पूरी आपकी है, और उसमें रह गई गलती आपकी गलती मानी जाएगी।

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फ़ॉर्म नहीं, बयान है नोटरी मजमून नहीं देखता काम दो कागज़ जोड़ना है दस्तखत से पहले पढ़िए

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छोटा जवाब: शपथ पत्र अशासकीय स्टाम्प पेपर पर टाइप होता है और नोटरी से मुहर लगती है। स्टाम्प और मुहर मिलाकर आम तौर पर 100 से 500 रुपये। मुहर हर शहर में बराबर मानी जाती है, इसलिए कहीं दूर जाने की ज़रूरत नहीं। सबसे ज़रूरी बात यह है कि इसमें क्या लिखा है, क्योंकि नोटरी वह पढ़ता नहीं, सिर्फ़ दस्तखत की तस्दीक करता है।

यही वजह है कि एक ही दुकान से बने दो शपथ पत्रों में से एक चल जाता है और दूसरा लौट आता है।

एक नज़र में

किस पर बनता हैअशासकीय स्टाम्प पेपर
मुहर कौन लगाता हैनोटरी
खर्च100 से 500 रुपये
कहाँ बनवाएँअपने ही शहर में
नोटरी क्या देखता हैआपकी पहचान और दस्तखत
नोटरी क्या नहीं देखतामजमून सही है या नहीं
असली कामदो कागज़ों को जोड़ना
ज़िम्मेदारीपूरी आपकी

मुख्य बातें

ज़रूरी बातें: Quick Facts

स्टाम्प पेपरअशासकीय, प्रचलित मूल्य का
नोटरीकोई भी, अपने शहर का
अंकतालिकासाथ रखिए, नाम मिलाने के लिए
अनुक्रमांकमजमून में लिखवाइए
दस्तखत से पहलेपूरा पढ़ लीजिए
कई प्रतियाँअलग-अलग दफ़्तरों के लिए
फोटो खींच लीजिएमुहर लगने के बाद
चारों कागज़एक ही बार में

इस पन्ने में क्या है

  1. यह फ़ॉर्म नहीं, बयान है
  2. नोटरी क्या करता है और क्या नहीं
  3. असली काम दो कागज़ जोड़ना है
  4. प्रारूप, हिंदी समझ के साथ
  5. वे गलतियाँ जो लौटा देती हैं
  6. चारों कागज़ एक ही बैठक में
  7. केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप
  8. हम कहाँ सेवा देते हैं
  9. कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे
  10. इससे जुड़े पन्ने
  11. हमारा दफ़्तर क्यों
  12. आम सवाल

यह फ़ॉर्म नहीं, बयान है

लोग इसे ऐसे लेते हैं जैसे कोई फ़ॉर्म हो: दुकान पर जाओ नाम बताओ टाइप हो जाए मुहर लगवाओ काम खत्म पर कागज़ पर जो लिखा है, वह यह है: "मैं शपथपूर्वक घोषणा करता हूँ कि..." यानी आप शपथ लेकर कह रहे हैं कि जो लिखा है वह सच है। इसीलिए इसमें रह गई गलती टाइप करने वाले की गलती नहीं मानी जाती। वह आपकी मानी जाती है, क्योंकि दस्तखत आपके हैं। एक फ़ॉर्म में गलती हो तो सुधार लेते हैं। बयान में गलती हो तो वह बयान ही गलत हो जाता है।

इसीलिए आगे दिया गया प्रारूप पढ़कर भरवाइए, बस पकड़ा मत दीजिए।

नोटरी क्या करता है और क्या नहीं

नोटरी यह करता हैनोटरी यह नहीं करता
आपकी पहचान देखता हैमजमून की जाँच
आपके सामने दस्तखत लेता हैयह देखना कि नाम सही है
शपथ दिलाता हैयह बताना कि क्या लिखना चाहिए
मुहर और रजिस्टर में इंदराजआपके कागज़ों से मिलान
यह ग़लतफ़हमी बहुत आम है: "नोटरी ने मुहर लगा दी, तो सब ठीक होगा" नहीं। मुहर का मतलब है कि आपने उसके सामने दस्तखत किए और शपथ ली। मुहर का यह मतलब नहीं है कि लिखा हुआ सही है। अगर आपका नाम गलत टाइप हुआ, अनुक्रमांक गलत पड़ा, या पिता का नाम अलग लिखा गया, तो मुहर उसे ठीक नहीं करती। वह उसे बस पक्का कर देती है। इसलिए जाँच का काम मुहर से पहले होना है, बाद में नहीं।

नोटरी कहाँ मिलते हैं और कोई एक जगह बेहतर क्यों नहीं होती, यह हमारे नोटरी वाले पन्ने पर है।

असली काम दो कागज़ जोड़ना है

सोचिए कि यह क्या कर रहा है: कागज़ क में लिखा है -> राम कुमार कागज़ ख में लिखा है -> रामकुमार सिंह दफ़्तर पूछता है -> ये एक ही आदमी हैं? शपथ पत्र कहता है -> हाँ, और मैं शपथ लेकर यह कह रहा हूँ बस इतना। पर यही वह कमी थी जिस पर काम अटका था। इसीलिए यह इतना सस्ता कागज़ इतना काम कर जाता है।

दो अलग नामों वाला पूरा मामला हमारे दो नाम वाले पन्ने पर है।

प्रारूप, हिंदी समझ के साथ

AFFIDAVIT (on non-judicial stamp paper, notarised) I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ____________________________________________________ , District ____________________ , Uttar Pradesh, do hereby solemnly affirm and declare as under:- 1- That my name is recorded as ____________________ in my High School marksheet, Roll No. ____________________ , issued by ____________________ Board in the year ______ . 2- That I have changed my name from ____________________ to ____________________ and I shall hereafter be known as ____________________ for all purposes. 3- That both the said names are the name of one and the same person, that is, myself. 4- That it is my true and correct statement. DEPONENT VERIFICATION:- Verified at ____________ on this __-__-20__ that the contents of the above Affidavit are true and correct to the best of my knowledge and belief. DEPONENT

हिंदी में समझिए, पंक्ति दर पंक्ति:

  1. पहली पंक्ति

    अपना नाम जैसा अभी कागज़ों पर है, पिता या पति का नाम, पूरा पता और जिला।

  2. बिंदु एक

    अंकतालिका पर छपा नाम, उसका अनुक्रमांक, बोर्ड और वर्ष। यह पंक्ति सबसे ज़्यादा काम करती है।

  3. बिंदु दो

    पुराना नाम, नया नाम, और यह कि आगे इसी नाम से जाने जाएँगे।

  4. बिंदु तीन

    यह कि दोनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं। यही जोड़ने वाली पंक्ति है।

  5. बिंदु चार

    कि बयान सच है। यही वह वाक्य है जो इसे शपथ बनाता है।

  6. सत्यापन

    जिस शहर में मुहर लग रही है उसका नाम, और तारीख़।

वे गलतियाँ जो लौटा देती हैं

इनमें से हर एक दो मिनट पढ़ने से पकड़ी जा सकती है, और हर एक को बाद में ठीक कराना नया शपथ पत्र बनवाने जितना है।

चारों कागज़ एक ही बैठक में

गजट की फाइल में चार कागज़ टाइप होते हैं: 1 शपथ पत्र 2 सार्वजनिक सूचना, पहली प्रति 3 सार्वजनिक सूचना, दूसरी प्रति 4 सीडी प्रमाणपत्र चारों में वही नाम, वही पता, वही जोड़ी। अगर आप ये अलग-अलग दिन, अलग-अलग दुकानों से बनवाएँगे, तो किसी एक में कुछ अलग हो जाएगा। यह लगभग तय है। इसलिए एक ही बैठक में, एक ही व्यक्ति से, चारों टाइप कराइए। और टाइप हो जाने के बाद, चारों को साथ रखकर मिलाइए: [ ] नाम चारों में एक जैसा [ ] पता चारों में एक जैसा [ ] पिता का नाम एक जैसा [ ] सीडी का मजमून कागज़ से मिलता हुआ दस मिनट। और यही दस मिनट फाइल को वापस आने से बचाते हैं।

फाइल किन वजहों से लौटती है, इसकी पूरी सूची हमारे अस्वीकृति वाले पन्ने पर है।

केंद्रीय गजट: पूरी प्रक्रिया और फाइल के प्रारूप

बाकी तीन कागज़: शपथ पत्र ऊपर दिया है। साथ जाने वाले बाकी तीन नीचे हैं, ताकि आप चारों एक साथ बनवा सकें।

सार्वजनिक सूचना, दो प्रतियों में

PUBLIC NOTICE (TWO identical typed copies, each signed and witnessed) It is for general information that I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ______________________________ ____________________________________ , declare that I have changed my name from ____________________ to ____________________ and I shall hereafter be known as ____________________ for all purposes. It is certified that I have complied with other legal requirements in this connection. ____________________ Signature of Applicant WITNESS NO. 1 Signature :- ____________________ Full Name :- ____________________ Address :- ____________________ WITNESS NO. 2 Signature :- ____________________ Full Name :- ____________________ Address :- ____________________

हिंदी में समझिए: यह शपथ पत्र नहीं है, इसलिए इस पर स्टाम्प पेपर या नोटरी की ज़रूरत नहीं। पर दो प्रतियाँ चाहिए, बिल्कुल एक जैसी, और हर एक पर दो गवाहों के दस्तखत, पूरा नाम और पता। दूसरी प्रति पर गवाह के दस्तखत छूट जाना फाइल लौटने का सबसे आम कारण है।

सीडी प्रमाणपत्र

CD-CERTIFICATE I, ____________________ S/O ____________________ , R/o ____________________________________________________ , do hereby declare:- 1- That the matter in CD and hard copy is the same and I am responsible for any mismatch. 2- That I am responsible for the quality of CD. 3- That the CD is in MS-Word Format. 4- That the above statement is true and correct. Signature of Applicant ____________________ R/o ____________________

हिंदी में समझिए: यह भी एक घोषणा है, जिसमें आप कहते हैं कि सीडी और कागज़ का मजमून एक ही है। यानी अगर आख़िरी वक़्त कागज़ पर कोई सुधार किया, तो सीडी में भी करना ज़रूरी है।

फिर आगे का क्रम

  1. दो अख़बारों में सूचना छपवाइए

    एक हिंदी दैनिक और एक अंग्रेज़ी, अपने जिले के, पूरे पन्ने की छह प्रतियाँ।

  2. भारतकोश पर 1,100 रुपये जमा कीजिए

    ऑनलाइन, और दो रसीदें प्रिंट कर लीजिए।

  3. पत्र लिखिए

    The Controller, Publication Department, Civil Line, Delhi 110054 के नाम।

  4. पूरी फाइल की नकल घर पर रखिए

    क्योंकि भेजी हुई फाइल वापस नहीं आती।

  5. ट्रैकिंग वाले कूरियर से भेजिए

    अपने शहर से सीधे दिल्ली।

  6. प्रकाशन ख़ुद खोजते रहिए

    egazette.gov.in पर, भाग 4 में।

दस्तखत से पहले दो मिनट

मुहर लगने से पहले, कागज़ हाथ में लेकर, अपनी आँखों से पढ़िए। चार चीज़ें मिलाइए, अंकतालिका सामने रखकर: [ ] पुराना नाम, अक्षर दर अक्षर [ ] नया नाम, अक्षर दर अक्षर [ ] पिता का नाम [ ] अनुक्रमांक और बोर्ड का नाम अंग्रेज़ी में लिखा है इसका मतलब यह नहीं कि आप जाँच नहीं सकते। नाम तो नाम ही रहता है, चाहे किसी लिपि में हो। टाइप करने वाला जल्दी में है और आपका नाम पहली बार देख रहा है। आप पहली बार नहीं देख रहे। दो मिनट। और मुहर लगने के बाद ये दो मिनट दोबारा नहीं मिलते।

शुल्क, समय और फाइल

स्टाम्प पेपरप्रचलित मूल्य
नोटरी की मुहरकुछ सौ रुपये
दोनों मिलाकर100 से 500 रुपये
टाइपिंगसौ रुपये से कम
समयएक ही दिन में हो जाता है
वैधतापूरे देश में एक जैसी
हमारी सेवाबेसिक 999 रुपये से

यह पूरी प्रक्रिया का सबसे सस्ता और सबसे तेज़ कागज़ है, और अक्सर सबसे ज़्यादा काम भी यही करता है।

मुहर लगवाने से पहले जाँच लीजिए

मुहर लगने के बाद

तुरंत फोटो खींच लीजिए और कई फोटोकॉपी करा लीजिए, क्योंकि अलग-अलग दफ़्तर एक-एक प्रति रख लेते हैं। मूल कागज़ अपने पास रखिए और सिर्फ़ जब ज़रूरी हो तभी दीजिए।

जो दूसरी वेबसाइटें गलत बताती हैं

हम कहाँ सेवा देते हैं

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में। शपथ पत्र आपके अपने शहर में बनता है, हम उसका मजमून तैयार कर देते हैं:

मध्यलखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी
पश्चिमनोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मुरादाबाद, सहारनपुर
पूर्ववाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, देवरिया, गाज़ीपुर
बुंदेलखंडझाँसी, बाँदा, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, जालौन
रुहेलखंडबरेली, शाहजहाँपुर, पीलीभीत, बदायूँ, रामपुर, बिजनौर, अमरोहा

हम मजमून व्हाट्सएप पर भेज देते हैं, आप उसे किसी भी टाइपिंग की दुकान पर दिखाकर बनवा लीजिए और अपने शहर के नोटरी से मुहर लगवा लीजिए। हमारा चैंबर Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010 में है। फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002

कुछ शब्द जो बार-बार मिलेंगे

शपथ पत्र
स्टाम्प पेपर पर लिखा और नोटरी से प्रमाणित बयान, जिसमें आप शपथ लेकर कहते हैं कि लिखी बात सच है।
अशासकीय स्टाम्प पेपर
वह स्टाम्प पेपर जिस पर शपथ पत्र लिखा जाता है। किसी भी स्टाम्प विक्रेता से मिल जाता है।
नोटरी
वह अधिकारी जो आपकी पहचान देखकर, आपके सामने दस्तखत लेकर मुहर लगाता है। वह मजमून की जाँच नहीं करता।
सत्यापन
शपथ पत्र के नीचे का हिस्सा, जिसमें शहर और तारीख़ लिखी जाती है।
सार्वजनिक सूचना
गजट फाइल का दूसरा कागज़, जो दो प्रतियों में टाइप होता है और जिस पर स्टाम्प या नोटरी नहीं लगती।
एक ही व्यक्ति
वह पंक्ति जो कहती है कि दोनों नाम एक ही आदमी के हैं। यही शपथ पत्र का असली काम है।

आगे जो भी काम हो, उसके लिए यहाँ एक पन्ना है:

हम मजमून भेजते हैं, कागज़ नहीं

शपथ पत्र के लिए हम आपको लखनऊ नहीं बुलाते और न ही कहीं से बना हुआ कागज़ भेजते हैं। हम आपके मामले का मजमून तैयार करके व्हाट्सएप पर भेज देते हैं, और आप उसे अपने ही शहर की किसी दुकान पर दिखाकर बनवा लीजिए। इसका कारण सीधा है, मुहर हर जगह बराबर मानी जाती है, इसलिए दूर से कागज़ मँगाने का कोई फ़ायदा नहीं। और मजमून हम इसलिए बनाते हैं क्योंकि यही वह हिस्सा है जिस पर सब कुछ टिका है, और नोटरी उसे पढ़ता नहीं। विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, मजमून पर ध्यान देते हैं, कागज़ पर नहीं।

Associate office at Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow 226010, serving all 75 districts of Uttar Pradesh, Monday to Saturday, 10 AM to 6:30 PM. फ़ोन 9540003316 या व्हाट्सएप 9540005002

मजमून मँगा लीजिए

Uttar Pradesh Name Change

Associate Office: Chamber No. 19, Sadar Tehsil, Sector 5, Gomti Nagar Vistar, Lucknow, Uttar Pradesh 226010

Head Office: Metro Pillar 337, Hardev Nagar, Street 1, Shop No 1 (Shri Sham Documentation)

फ़ोन: 9540003316

व्हाट्सएप: 9540005002

ईमेल: info@uttarpradeshnamechange.com

समय: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से शाम 6:30 बजे

दोनों नाम और अंकतालिका की फोटो भेज दीजिए। हम चारों कागज़ों का मजमून बनाकर भेज देंगे, आप अपने शहर में बनवा लीजिए।

कॉल और नाम परिवर्तन प्रारूप पाइए

फ़ॉर्म खुल रहा है...

बेकार कॉल नहींसरकारी शुल्क और हमारी फ़ीस अलग-अलग

आम सवाल

शपथ पत्र बनवाने में कितना लगता है?

स्टाम्प पेपर और नोटरी की मुहर मिलाकर आम तौर पर 100 से 500 रुपये, और यह एक ही दिन में बन जाता है।

क्या नोटरी मजमून जाँचता है?

नहीं। वह आपकी पहचान देखता है, आपके सामने दस्तखत लेता है और शपथ दिलाता है। लिखा हुआ सही है या नहीं, यह वह नहीं देखता।

तो मुहर लगने का क्या मतलब है?

कि दस्तखत आपने उसके सामने किए और शपथ ली। मुहर गलती को ठीक नहीं करती, पक्का कर देती है।

किस कचहरी का नोटरी बेहतर है?

कोई नहीं। मुहर हर जगह बराबर मानी जाती है, इसलिए जो पास हो वहीं जाइए।

क्या शपथ पत्र से नाम बदल जाता है?

नहीं। वह पुराने और नए नाम को जोड़ता है। नया नाम गजट देता है।

तो फिर यह इतना ज़रूरी क्यों है?

क्योंकि जहाँ दो कागज़ों पर अलग नाम हैं, वहाँ यही उन्हें एक बताता है। पिता के नाम में तो अक्सर इसी से काम बन जाता है।

क्या यह अकेले भी चलता है?

कई जगह चलता है, ख़ासकर बैंक, बीमा और नौकरी की जाँच में। जहाँ काम अटका है वहाँ पूछ लीजिए।

अनुक्रमांक लिखवाना ज़रूरी है?

हाँ। उसी से दफ़्तर आपका रिकॉर्ड खोजते हैं, और छूट जाने पर सवाल खड़े होते हैं।

सत्यापन में कौन सा शहर लिखूँ?

वही जहाँ आप मुहर लगवा रहे हैं। पुराना प्रारूप बिना बदले इस्तेमाल करने पर यह अक्सर गलत रह जाता है।

चारों कागज़ एक साथ क्यों?

क्योंकि अलग-अलग दिन बनवाने पर किसी एक में नाम या पता अलग हो जाता है, और फाइल लौट आती है।

सार्वजनिक सूचना पर भी स्टाम्प लगेगा?

नहीं। उस पर स्टाम्प पेपर या नोटरी की ज़रूरत नहीं, पर दो प्रतियाँ और दो-दो गवाह चाहिए।

मुहर लगने के बाद क्या करूँ?

तुरंत फोटो खींच लीजिए और कई फोटोकॉपी करा लीजिए, क्योंकि हर दफ़्तर एक प्रति रख लेता है।

आधिकारिक स्रोत

यहाँ दिया प्रारूप हमारे अपने काम से आया है और उन्हीं फाइलों में इस्तेमाल हुआ है जो प्रकाशित हुईं। स्टाम्प का मूल्य और नोटरी का शुल्क शहर के हिसाब से अलग होता है, इसलिए स्थानीय रूप से पूछ लीजिए।

संस्थापक के बारे में: विपिन चौहान, बी.टेक एलएलबी, ने यह दफ़्तर शुरू किया। प्रकाशन विभाग में सीधे फाइल लगाने का पाँच साल से ज़्यादा का अनुभव। यहाँ लिखी हर बात उन फाइलों से आई है जो हमने खुद बनाईं और प्रकाशन तक पहुँचाईं, किसी और वेबसाइट से नकल करके नहीं।

संक्षेप में

शपथ पत्र बनवाना आसान है और सस्ता भी, पर लोग इसे फ़ॉर्म समझ लेते हैं जबकि यह शपथ लेकर दिया गया बयान है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि नोटरी आपका मजमून नहीं पढ़ता। वह आपकी पहचान देखता है, आपके सामने दस्तखत लेता है और मुहर लगाता है, यानी मुहर का मतलब सिर्फ़ इतना है कि दस्तखत आपने किए। अगर नाम की वर्तनी गलत टाइप हुई या अनुक्रमांक छूट गया, तो मुहर उसे ठीक नहीं करती, बस पक्का कर देती है, और ज़िम्मेदारी आपकी मानी जाती है क्योंकि दस्तखत आपके हैं। इसका असली काम भी समझ लीजिए: यह नया नाम नहीं देता, वह गजट देता है। यह दो नामों के बीच पुल बनाता है, और अक्सर यही वह कमी होती है जिस पर काम अटका था। इसलिए मुहर लगवाने से पहले, अंकतालिका सामने रखकर, दो मिनट पढ़ लीजिए।

प्रारूप चाहिए?

दोनों नाम और कागज़ का ब्योरा भेज दीजिए। हम आपके मामले का सही मजमून बनाकर भेज देंगे।

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